रेहड़ी-पट्टी

आखिर क्यों रुपये का फूल रहा दम? आजादी के बाद पहली बार 70 रुपये के बराबर हुए 1 डॉलर!

आखिर क्यों रुपये का फूल रहा दम? आजादी के बाद पहली बार 70 रुपये के बराबर हुए 1 डॉलर!

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दिल्ली। रुपये का दम फूल रहा है। डॉलर के मुकाबले घरेलू मुद्रा की कीमत 70 के पार पहुंच गई है। अब 70 का स्तर भी दूर नहीं है। ये वहीं रुपया है जो कभी एक डॉलर के बराबर हुआ करता था। लेकिन मंगलवार को पहली बार 70 के पार पहुंचा। पहली बार 70 के पार पहुंचा दरअसल, मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे की तेजी के साथ 69.85 पर खुला। लेकिन थोड़ी देरी बाद ही यह 70 के पार चला गया। यह 70.08 के स्तर पर था। सोमवार को 69.93 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर लुढ़क गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले एक साल डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 7 फीसदी टूटा है। 72वें वर्षगांठ पर 70 के बराबर दरअसल, भारत जब आजाद हुआ था तब एक डॉलर बराबर 1 रुपया हुआ करता था लेकिन आजादी के बाद भारत में कई योजना शुरू की गई थी। जिनके लिए विदेशों से भारत को कर्ज लेना पड़ा था। भारत पर कर्ज का दबाब बढ़ता जा रहा था जिसे कम करने के लिए
लंदन वाले घर में सोने का टॉयलेट यूज करते हैं विजय माल्या, इस लेखक का दावा

लंदन वाले घर में सोने का टॉयलेट यूज करते हैं विजय माल्या, इस लेखक का दावा

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दिल्ली। भारतीय बैंकों से अरबों रुपये का कर्ज लेकर फरार विजय माल्या इन दिनों लंदन में रह रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि विजय माल्या की लाइफस्टाइल अभी भी बिल्कुल नहीं बदली है। लेकिन अब जो खुलासा हुआ है वो हैरान कर देने वाली है। भारत के सबसे बड़े शराब कारोबारी विजय माल्या गोल्डन टॉयलेट के भी मालिक हैं। विभिन्न बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज नहीं चुकाने वाले भगोड़े कारोबारी विजय माल्या की शान में कोई कमी नहीं आई है। माल्या की शान में कोई कमी नहीं बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार जेम्स क्रैबी नाम के एक लेखक और प्रोफेसर ने दावा किया है कि उन्होंने माल्या के लंदन वाले घर पर सोने का टॉयलेट देखा था। एक कार्यक्रम हिस्सा लेने मुंबई पहुंचे जेम्स क्रैबी ने कहा कि वह समझा रहे थे कि किसी जगह का टॉयलेट उसके बारे में काफी कुछ बताता है। फिर उन्हो
किशोर बियानी की कंपनी ‘होम टाउन’ ने ‘आइकिया’ को क्यों ‘चिढ़ाया’?

किशोर बियानी की कंपनी ‘होम टाउन’ ने ‘आइकिया’ को क्यों ‘चिढ़ाया’?

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दिल्ली। किसी भी बिजनेस का सेटअप करना कितना मुश्किल होता है, ये बात किसी बिजनेसमैन से बेहतर कौन समझ सकता है. वो चाहे बड़ा बिजनेस हो या छोटा. दुनिया की सबसे बड़ी फर्नीचर कंपनी आइकिया के भी कुछ ऐसे ही अनुभव रहे. जब किशोर बियानी की कंपनी होमटाउन ने आइकिया को चिढ़ाया कि 'जो वहां नहीं है, वह यहां है' 'जो वहां नहीं है, वह यहां है' आइकिया ने भारत में अपने पहले स्टोर की शुरुआत हैदराबाद में की तो देसी कंपनी होम टाउन ने उसे 'चिढ़ाने' की कोशिश की. उद्योगपति किशोर बियानी की होम फर्निशिंग चेन ने हैदराबाद में 'आइकिया' की बाहरी दीवार के पास ही एक पोस्टर लगा दिया जिसे आइकिया शो रूम से भी देखा जा सकता है. इस पोस्टर पर लिखा है- What's not there, is here. (जो वहां नहीं है, वह यहां है) इसमें there पीले रंग की बैकग्राउंड पर नीले रंग में लिखा गया है जो आइकिया का सिग्नेचर कलर है. जबकि here होम टाउन का स
ऑनलाइन शॉपिंग की रेस में अमेजन और फ्लिपकार्ट। आप भी कुछ ले लीजिए न सर…

ऑनलाइन शॉपिंग की रेस में अमेजन और फ्लिपकार्ट। आप भी कुछ ले लीजिए न सर…

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दिल्ली। जेब में दू-निया नहीं लेकिन खरीदारी दुनिया भर की क्योंकि मन अब जरूरतों और शौक में अंतर नहीं कर पाता। सबकुछ दिमाग से खिसककर मोबाइल में समा चुका है जहां ऑफर्स कुरेदते रहते हैं, आप भी कुछ ले लीजिए न सर...। मार्केट ऑनलाइन है, पैसे प्लास्टिक मनी की शक्ल में और पासवर्ड और ओटीपी में बदल चुका है। मने इच्छा न भी हो लेकिन ऑफर्स हैं...तो खरीद ही डालिए। जाहिर है बाजारवाद के इस झुनझुने के आगे उपभोक्ता सरेंडर मोड में है। आप भी कुछ ले लीजिए न सर... हर बार की तरह इस बार भी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां अमेजन और फ्लिपकार्ट ने फ्रीडम ऑफर के जरिए छूट और ऑफर्स की भरमार लगा दी है। 9 अगस्त से अमेजन और 10 अगस्त से फ्लिपकार्ट पर महासेल शुरू हो रहा है। अगर आप में थोड़ा सा भी कॉस्मोपोलिटन कीड़ा है तो आप इस वर्चुअल मार्केट के बंपर सेल और मेगा खरीदारी से नहीं बच सकते। यानी गलती से भी अगर आपने इसे फोन पर स्क्रॉल
23 बीमा कंपनियों के पास 15 हजार 167 करोड़ अनक्लेम्ड रकम, कहीं आपकी तो नहीं…

23 बीमा कंपनियों के पास 15 हजार 167 करोड़ अनक्लेम्ड रकम, कहीं आपकी तो नहीं…

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दिल्ली। लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेकर भूल जाना, किसी कारण से पॉलिसी के पैसे नहीं जमा करना, घर का पता बदल जाना, पॉलिसी में नॉमिनी का नाम न होना, मौत हो जाने के बाद नॉमिनी को मालूम न होना. इन्हीं वजहों से देश की 23 बीमा कंपनियों के पास 15 हजार 167 करोड़ रुपए की रकम पड़ी हुई है. जिसका दावेदार कोई नहीं है. अब जब मुफ्त का पैसा किसी के पास पड़ा हुआ है तो कोई देने की जहमत क्यों उठाएगा? 23 बीमा कंपनियों के पास 15 हजार 167 करोड़ अनक्लेम्ड मनी को लेकर सरकार ने सख्ती दिखाई है. बीमा कंपनियों पर नकेल कसी जा रही है. आखिर पॉलिसी लेते वक्त पॉलिसी होल्डर से एक-एक कागजात लेनेवाली कंपनियों को पैसा देने की नौबत आती है तो भी पैसा पॉलिसी होल्डर को नहीं मिलना गले से नहीं उतरता. जब कोई क्लेम नहीं करता है तो कंपनियां उसे अनक्लेम्ड मनी बनाकर दिखा देती है. उस आदमी की पते पर कोई जांच पड़ताल नहीं की जाती. ताकि
वाह सुनील बाबू,…नया घर…नई कार ! लोन की EMI कितनी बढ़ी?

वाह सुनील बाबू,…नया घर…नई कार ! लोन की EMI कितनी बढ़ी?

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दिल्ली। विज्ञापन वाले सुनील बाबू ने नई कार और नया घर लिया...तो खर्च में कोई कमी नहीं की। दीवारें बोल सकें इसलिए JK वालपुट्टी लगवाया। रंग-रोगन के लिए एशियन पेंट्स खरीद लाए ताकि हर घर की तरह उनका घर भी कुछ कह सके। नई कार और नया घर लिया और तो और बीमा भी कराया ताकि वो उसे पूरी तरह एंज्वॉय कर सकें...जीवन के साथ भी-जीवन के बाद भी। उनकी इस तत्परता को देख वाह-वाह भी खूब हुई। लेकिन अब बेचारे सुनील बाबू को हाजमोला की सेवाएं लेनी पड़ रही हैं क्योंकि घर का खाया-पीया नहीं पच रहा। 'वाह सुनील बाबू,...नया घर नई कार' बोलनेवाले अब उनसे ये पूछने में लगे हैं कि लोन की EMI कितनी बढ़ी? लोन की EMI कितनी बढ़ी? रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने तीसरी मौद्रिक समीक्षा में इस बार रेपो रेट्स और रिवर्स रेपो रेट्स में 25 बेसिस प्वाइंट का इज़ाफा कर दिया है। रेपो रेट्स वो दर है जिस दर पर सभी बैंक रिजर्व बैंक से कर्ज लेते ह
गूगल पर 34,308 करोड़ रुपये का जुर्माना, कहीं ट्रेड वॉर इफेक्ट तो नहीं?

गूगल पर 34,308 करोड़ रुपये का जुर्माना, कहीं ट्रेड वॉर इफेक्ट तो नहीं?

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दिल्ली। जिस पर आप सर्च कर दुनिया हाल जानते हैं, उसी पर उसी के बारे में सामाचार सर्च करना पड़े तो कैसा होगा? गूगल के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. अब गूगल पर सर्च कर गूगल के बारे में लोग न्यूज़ पढ़ रहे हैं. लोग ये जानना चाह रहे हैं कि हिन्दुस्तान के जैसे देश में किसी राज्य का जितना बजट होगा, उतना तो गूगल पर जुर्माना लगा है. तो ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गूगल का गुनाह क्या है? वैसे भी आजकल गूगल को एक इंडियन हेड कर रहा है. 3.4 लाख करोड़ वाला इल्जाम दरअसल यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने गूगल कंपनी पर 4.34 बिलियन यूरो यानी 5 बिलियन डॉलर यानी 3.4 लाख करोड़ यानी 34 खरब रुपये यानी 34,308 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है. इसे एंटीट्रस्ट फाइन कहा जा रहा है. हिन्दी में मतलब हुआ भरोसे को तोड़ने पर जुर्माना. यानी जिसने आपके भरोसे को तोड़ दिया. अब आप उसे क्या कहते हैं? सोचने के लिए स्वतंत्र हैं. गूगल पर आरो
कारोबार करना हो तो आंध्र प्रदेश सबसे बेहतर राज्य, जानें कैसे?

कारोबार करना हो तो आंध्र प्रदेश सबसे बेहतर राज्य, जानें कैसे?

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एक कंपनी, अनेक कंपनियां। कुछ इसी तर्ज पर सरकार ने कारोबार के नियमों में कई बदलाव किए। इनकॉरपोरेशन से लेकर एक्सपोर्ट-इंपोर्ट तक की रुपरेखा बदली गई। टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया। राज्य सरकारों को भी निर्देश दिए गए कि वो प्रदेश स्तर पर भी नियमों में तब्दीली लाएं ताकि कारोबारियों के लिए चीजें आसान हों। Mr. Ravi Kumar, Director Industries, Jharkhand, presenting on feedback and reform communication in the State. #EaseOfDoingBusiness pic.twitter.com/LWDEy8ETXo — EODB India (@EODB_India) July 10, 2018 कारोबार के नियमों में कई बदलाव जब कारोबार के नियमों में बदलाव हुआ तो कई राज्य कारोबार फ्रेंडली बने। व्यवसायियों को आसानी से जमीन मुहैया कराई जाने लगी। राज्यों ने भी इस मौके को हाथो-हाथ लिया। कई योजनाएं शुरू की गईं। कारोबारियों को लुभावने ऑफर्स दिए गए। इसके पीछे बड़ी वजह ये भी थी
चीन, कोरिया और सिंगापुर छोड़ भारत संग ही क्यों आया सैमसंग? जानें क्या है ख़ास

चीन, कोरिया और सिंगापुर छोड़ भारत संग ही क्यों आया सैमसंग? जानें क्या है ख़ास

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भारत संग सैमसंग के आने का इरादा बेवजह नहीं। ये डबल बोनांजा है, परस्पर फायदे का और यही वजह भी रही इस नई शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन किया। भारत संग सैमसंग पीएम के उद्घाटन करने के बाद कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में दुनिया के मैप पर सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री होने का टैग नोएडा के साथ जुड़ गया है। ये मुकाम न तो चीन को हासिल हुआ, न कोरिया को और न ही सिंगापुर या अमेरिका को। आइये जानते हैं इस फैक्ट्री से जुड़ी कुछ ख़ास बातों को... नोएडा सेक्टर 81 स्थित सैमसंग की ये मोबाइल फैक्ट्री तकरीबन 35 एकड़ में फैली है। मौजूदा मोबाइल फैक्ट्री साल 2005 में लगाई गई थी जबकि इसका पहला केंद्र 1990 के दशक में शुरू हुआ जब वहां 1997 में टीवी बनना शुरू हुआ था। साल 2017 के जून में कंपनी ने नोएड
लखटकिया नैनो के दिन लद गए? जून में बनी सिर्फ 1 कार, बिकी 3

लखटकिया नैनो के दिन लद गए? जून में बनी सिर्फ 1 कार, बिकी 3

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दिल्ली। क्या लखटकिया कार नैनो के दिन अब लद गए? मिडिल क्लास का कार का मालिक बनने का सपटना टूट जाएगा? रतन टाटा के ड्रीम प्रोजेक्ट का प्रोडक्शन अब खत्म होता दिख रहा है. जून 2018 में सिर्फ एक कार का प्रोडक्शन हुआ है और सिर्फ तीन कारें बिकी है. डगमगा रही रतन टाटा की 'ब्रेन चाइल्ड' सवाल उठ रहा है कि एक समय आम आदमी कार कहे जानेवाली नैनो, क्या अब इतिहास बन जाएगी. क्योंकि जून में टाटा ने केवल एक नैनो कार बनाई. जबकि सिर्फ तीन कारों की बिक्री हुई. कंपनी के मुताबिक नैनो का प्रोडक्शन बंद करने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है. टाटा मोटर्स की ओर से फाइल की गई रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जून में एक भी नैनो की एक्सपोर्ट नहीं हुआ. पिछले साल जून में 25 नैनो देश बाहर भेजी गई थी. वहीं प्रोडक्शन की बात करें तो जहां इस साल जून में सिर्फ एक नैनो बनी वहीं पिछले साल इसी महीने में 275 नैनो बनाई गई थी. घरेलू