ना सुलह ना शर्त, राजस्थान सरकार को ‘उड़ाने’ का पायलट का मूड बरकरार

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पिछले दो दिनों से राजस्थान में चल रही तेज राजनीति गतिविधियों पर फिलहाल विराम लगना मुश्किल लग रहा है।

गुटबाजी की बात को सदा से इनकार करते कांग्रेस की पोल पट्टी पूरी तरह से तब खुल गई थी जब सचिन पायलट ने अशोक गहलोत सरकार को गिराने की कोशिश शुरू कर दी थी। पिछले दो दिनों की गतिविधियों के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि आज कुछ सरकार को लेकर परिणाम सामने आ जाएंगे। लेकिन डिप्टी सीएम सचिन पायलट राजस्थान सरकार को ‘उड़ाने’ पूरी तरह से मूड बना चुके हैं।

सचिन पायलट और उनके गुट की दो टूक

दिनभर की गहमागहमी के बाद सचिन पायलट ने ये साफ कर दिया है कि उनकी कांग्रेस के आलाकमान से किसी तरह की बातचीत नहीं चल रही है। इतना ही नहीं सत्ता बचाने की लिहाज से मुंह ताकते अशोक गहलोत के सामने सचिन ने कोई शर्त भी नहीं रखी है। हालांकि को-पायलट्स का ये जरूर कहना है कि अशोक गहलोत के पास महज 84 विधायक हैं उसके बाद के बाकी विधायक पायलट की हवाई जहाज में सवार हैं।

अशोक-सचिन को दावों में बाजीगर कौन ?

आज दोपहर में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने एक तरफ तो 100 से अधिक विधायकों की परेड तक करा दी, साथ ही ये दावा किया कि उनके पास 109 विधायकों का समर्थन हासिल है। ऐसे में डिप्टी सीएम ने भी दावा ठोक दिया कि उनके पास भी इतने विधायक हैं जो कि अशोक गहलोत के दावों को हवा में उड़ा देंगे।

कांग्रेस आलाकमान ने कसी कमान ?

किसी भी पार्टी में जब ऐसा माहौल बन जाता है तो पार्टी के आलाकमान को कमान कसने की जरूरत पड़ती है। हालांकि आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के बयान के बाद (कहीं देर ना हो जाए) दिल्ली में बैठे आलाकमानों की नींद टूटी और उन्होंने पायलट को एक मैसेज भेजा कि ‘हमारा आप पर स्नेह है. हम आपका सम्मान करते हैं. हम आपके स्वागत के लिए तैयार हैं. प्लीज आइए और बात कीजिए.’

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