प्यार, शक और नफरत की कहानी रोहित और अपूर्वा का रिश्ता, आखिरी घंटे में क्या हुआ था?

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Rohit shekhar case rohit apoorva s relationship is the story of love suspense and hatred

दिल्ली। उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल रहे स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी हत्याकांड (Rohit shekhar case) पर से पर्दा उठ चुका है. 9 दिन बाद पति की हत्या के आरोप में पत्नी अपूर्वा शुक्ला तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में मिले सबूतों के आधार पर अपूर्वा की गिरफ्तारी की गई.

15 अप्रैल की रात को क्या हुआ था?

क्राइम ब्रांच की पूछताछ में अपूर्वा ने बताया कि 15 अप्रैल की रात को उसकी रोहित से झगड़ा हुआ था. पहले से भी दोनों के बीच अनबन चल रहे थे. विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक-दूसरे का गला दबाया था. इसमें हो सकता है कि रोहित का गला जोर से दब गया हो और सोने के दौरान उसकी मौत (Rohit shekhar case) हो गई हो.

पुलिस ने बताया कि उत्तराखंड से वोट डालने के बाद 15 अप्रैल की रात 10 बजे रोहित शेखर तिवारी डिफेंस कॉलोनी स्थित अपने घर सी-329 लौटे थे. कार (Rohit shekhar case) में उनके साथ रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा, सौतेले भाई सिद्धार्थ के ममेरे भाई राजीव और राजीव की पत्नी कुमकुम भी थीं. खाना खाने के बाद 11 रात बजे उज्ज्वला शर्मा, राजीव और कुमकुम तिलक लेन स्थित घर चले गए.

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इसके बाद रोहित पहली मंजिल पर स्थित अपने कमरे में जाकर सो गए. बराबर वाले कमरे में उनकी पत्नी अपूर्वा भी सो गई थीं. इसके बाद रात 1.30 बजे अपूर्वा ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल पर स्थित रोहित के कमरे में जाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दी हैं. ठीक एक घंटे बाद 2.30 बजे पहली मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर आते दिख रही हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी रोहित की मौत (Rohit shekhar case) 1.30 से 2 बजे के बीच बताया गया था.

पराई औरत बनी कलह की वजह

रोहित और अपूर्वा के बीच एक पराई औरत भी विवाद की बड़ी वजह थी. ये महिला रोहित के परिवार से लंबे समय से जुड़ी है. उसका पति एनडी तिवारी के पास काम करता था. 20 साल पुराना ये संबंध अब सुख-दुख का साथी बन चुका है. जब अपूर्वा शादी के बाद तिवारी परिवार (Rohit shekhar case) का बहू बन आईं तो उनको ये फ्रेंडली व्यवहार पसंद नहीं आया.

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मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि वो महिला रोहित के साथ शराब भी पीती थी. अपूर्वा और रोहित के बीच दूरियां बढ़ने लगी. रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा बेटे के इस महिला के साथ किसी तरह गलत संबंध नहीं होने का लगातार विश्वास अपूर्वा को दिलाती रहीं. मगर शक का कीड़ा अपूर्वा के दिमाग से हट नहीं पाया और आखिरकार मर्डर (Rohit shekhar case) तक पहुंच गया.

पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

रोहित शेखर हत्याकांड में पुलिस के पास कोई चश्मदीद नहीं है. अपूर्वा की गिरफ्तारी परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर की गई है. जानकार बताते हैं कि मर्डर केस के मामले में परिस्थितिजन्य साक्ष्य नाकाफी होते हैं. हालांकि पुलिस का दावा है कि पर्याप्त सबूत (Rohit shekhar case) है. वकील होने की वजह से अपूर्वा ने पुलिस को खूब गुमराह भी किया.

अपूर्व ने पुलिस के सामने दलील रखी कि कमरे में रोहित से झगड़ा हो गया था. रोहित ने गर्दन दबाने की कोशिश की थी. बचाव में उसने रोहित की गर्दन और मुंह दबा दिया. उसके बाद वो कमरे से चली गई. संभव है देर रात इससे उसकी मौत (Rohit shekhar case) हो गई हो. लेकिन तब रोहित की मौत नहीं हुई थी. इस तरह का बयान देकर अपूर्वा ने हत्या आईपीसी की धारा 302 के मामले को गैर इरादतन हत्या 304 में बदलने की कोशिश की.

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