सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह: 1200 करोड़ की 5 योजनाओं का शिलान्यास

चंपारण सत्याग्रह के 100 साल

मोतिहारी में चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी पहुंच चुके हैं. इसमें देशभर से आए करीब 20 हजार स्वच्छाग्रही शामिल है. 

कार्यक्रम में विशिष्ट स्वच्छाग्रहियों को सम्मान में 51 हजार रुपये और दूसरे स्मृति चिन्ह दिए गए.

प्रधानमंत्री ने सुगौली में एलपीजी, मोतिहारी में एलपीजी टर्मिनल-बॉटलिंग प्लांट का भी शिलान्यास किया.

इसके अलाव पीएम मोदी ने औरंगाबाद-बिहार-झारखंड बॉर्डर सेक्शन (एनएच 2) 6 लेन प्रोजेक्ट का भी शिलान्यास किया.

इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे.

नीतीश कुमार ने कहा कि स्वच्छता के साथ शांति भी जरूरी है.

1200 करोड़ की 5 योजनाओं का शिलान्यास

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री उमा भारती शिरकत कर रही हैं. उन्होंने कहा कि मैंने मोदी को सबसे पहले एक प्रचंड फकीर के रूप में देखा, जिसने देश के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया था.

उमा भारती ने दावा किया कि गंगा ने 50 करोड़ लोगों को रोजगार दिए हैं.

मोतिहारी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री सुबह 10 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे फिर हेलीकॉप्टर से मोतिहारी पहुंचे.

पीएम ने कलेक्ट्रेट मुख्य द्वार स्थित गांधी बाल उद्यान में गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.

इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी और राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी मौजूद रहे.

सुशील मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने जिस तरह 11 महीने में अंग्रेजों को झुकने पर मजबूर कर दिया,

वैसे ही पीएम मोदी के नेतृत्व में हम 2019 के अंत तक अगले 19 महीने के अंदर हम देश को गंदगी से मुक्त करेंगे.

सत्याग्रह के इतिहास जानिए

दरअसल साल 1917 में महात्मा गांधी ने चम्पारण में ही ब्रिटिश शासन का पहली बार विरोध करते हुए सत्याग्रह की शुरुआत की थी.

किसानों से जबरन नील की खेती करने वाले अंग्रेजी शासन के आदेश के विरोध में यह सत्याग्रह शुरू हुआ था.

किसानों को ब्रिटिश सरकार जबरन 15 प्रतिशत भूभाग पर नील की खेती करने के लिए बाध्य कर रही थी,

और 20 में से 3 कट्टे की फसल किसानों द्वारा यूरोपीय निलहों को देना होता था,

जिसे तिनकठिया प्रथा कहा जाता था. 100 साल पूरा होने के मौके पर पिछले साल

यानी 10 अप्रैल 2017 को चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह की शुरुआत की गई थी.

अब इस समारोह का समापन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे. इस कार्यक्रम का नाम दिया गया है ‘सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह.’

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