पॉलिटिक्सम्

आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को सीबीआई से खौफ या मोदी से?

आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को सीबीआई से खौफ या मोदी से?

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
दिल्ली। चंद्रबाबू नायडू और ममता बनर्जी को किससे डर हैं, सीबीआई से या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से? अगर कुछ गड़बड़ नहीं है तो किसी का भी सीबीआई क्या बिगाड़ लेगी? मगर इनको डर है कि कुछ गड़बड़ न हो तब भी सीबीआई बहुत कुछ बिगाड़ सकती है. ये डर सिर्फ चंद्रबाबू नायडू और ममता बनर्जी का ही नहीं है बल्कि इसका खौफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी हो सकता है. क्योंकि सीबीआई निदेशक को किसी मामले की खोजबीन के लिए किसी से परमिशन की जरुरत नहीं होती है. 'सामान्य रजामंदी' कानून वापस आंध्र प्रदेश के बाद पश्चिम बंगाल की सरकार ने सीबीआई को राज्य में छापे मारने या जांच करने के लिए दी गई 'सामान्य रजामंदी' शुक्रवार को वापस ले ली. राज्य सचिवालय के एक बड़े अधिकारी ने यह जानकारी दी. पश्चिम बंगाल सरकार से ठीक पहले आंध्र प्रदेश की सरकार ने यही कदम उठाया था. आंध्र प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्य
30 नवंबर को लॉन्च होगी कुंडा वाले राजा भैया की जनसत्ता पार्टी! टारगेट पर आरक्षण

30 नवंबर को लॉन्च होगी कुंडा वाले राजा भैया की जनसत्ता पार्टी! टारगेट पर आरक्षण

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
दिल्ली। उत्तर प्रदेश में एक नई पार्टी लॉन्चिंग के लिए तैयार है. प्रतापपुर के कुंडा से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया ने नई राजनीतिक पार्टी के गठन का एलान किया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को तीन नाम भेजे गए हैं. हालांकि चर्चा है कि राजा भैया अपने दल का नाम 'जनसत्ता पार्टी' रखेंगे. नाराज सवर्णों पर राजा भैया की नजर पार्टी गठन के एलान के साथ ही राजा भैया ने अपने एजेंडा भी साफ कर दिया. राजा भैया ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एससी-एसटी ऐक्ट को लेकर सवाल भी खड़े किए. पार्टी की गठन के लिए बुलाए प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजा भैया ने आरक्षण के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया. राजा भैया ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण लोगों को हतोत्साहित करता है. उन्होंने कहा कि योग्यता के आधार पर आरक्षण होना चाहिए. एससी-एसटी ऐक्ट पर केंद्र को घेरते हुए राजा भैया ने कहा कि यह कदम न्यायोचित नह
माथे पर पगड़ी और धोती-कुर्ता पहने बरसाने के राधा-रानी मंदिर में दिखे तेज प्रताप

माथे पर पगड़ी और धोती-कुर्ता पहने बरसाने के राधा-रानी मंदिर में दिखे तेज प्रताप

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
पटना। बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप तलाक की अर्जी देने के बाद से पटना नहीं लौटे हैं. वो मथुरा में रमे हुए हैं. राबड़ी निवास में तेज प्रताप के नहीं रहने की वजह से उदासी छाई हुई है. राबड़ी का परिवार तनाव में है. इस बार छठ नहीं हुआ. लालू प्रसाद से मिलने के बाद तेज प्रताप ने उनकी कोई नहीं सुन रहा है तो वो भी किसी नहीं सुनेंगे. राधा-रानी मंदिर पहुंचे तेज प्रताप लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव कई दिनों से कान्हा की नगरी मथुरा में मंदिरों के दर्शन करते हुए नजर आते हैं वहीं 10 तारीख की रात बरसाने की राधा रानी मंदिर में चोरी छुपे शॉल ओढ़कर मंदिर के दर्शन करने पहुंचे तेज प्रताप यादव मीडिया से भी बनाई दूरी 20 मिनट मंदिर में रुकने के बाद बिना बताए वहां से एकांत स्थान के लिए निकल गए तेज प्रताप यादव करीब 7 दिनों से मथुरा में घूम रहे हैं कभी गोव
वोट मांगने गईं शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को देख भड़की महिला, बोली- मैडम प्यासा मार डाला आपने

वोट मांगने गईं शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को देख भड़की महिला, बोली- मैडम प्यासा मार डाला आपने

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
भोपाल। मध्य प्रदेश पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा है। नेताओं के लिए उनकी पत्नियां भी वोट मांगने जनता के बीच जा रही हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को जनता के बीच में जाना महंगा पड़ गया। लोगों ने उन्हें जमकर खोरी-खोटी सुनाई। सीएम की पत्नी पर 'प्यास' भारी दरअसल, शिवराज सिंह की पत्नी साधना सिंह अपने पति के लिए वोट मांगती हुईं दिखाई दे रही हैं। बुधनी में साधना जन संपर्क के लिए निकली थीं। लेकिन जैसे ही वह लोगों के बीच में पहुंची एक महिला ने जमकर उन्हें खरी-खोटी सुना दी। वह महिला पानी की समस्या से परेशान थी। साधना सिंह को देखते ही वह भड़क गई और कहने लगी कि मैडम प्यासा मार डाला आपने। इस दौरान वहां मौजूद लोग महिला को समझाने की कोशिश में लगे रहे। लेकिन महिला का गुस्सा कम नहीं हुआ। ऐसी स्थिति देख साधना सिंह भी काफी असहज नजर आईं। 15 साल से बीजेपी की सरकार दरअसल, मध्
कोलकाता या आसनसोल से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं अमित शाह, चर्चाएं तेज!

कोलकाता या आसनसोल से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं अमित शाह, चर्चाएं तेज!

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह अमित शाह भी 2019 में लोकसभा चुनाव अपने गृह राज्य को छोड़कर पश्चिम बंगाल से लड़ सकते हैं। खबरों के मुताबिक टीएमसी को टक्कर देने के लिए राज्य बीजेपी इकाई चाहती हैं राष्ट्रीय अमित शाह पश्चिम बंगाल से ही चुनाव लड़ें। 'कोलकाता से चुनाव लड़ें अमित शाह' पश्चिम बंगाल प्रदेश कमिटी की इच्छा है कि कोलकाता लोकसभा चुनाव अमित शाह उम्मीदवार हों। मीडिया से बात करते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि यह राज्य में चुनावी माहौल को नाटकीय रूप से बदल देगा। घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब वाराणसी से चुनाव लड़ सकते हैं तो अमित शाह कोलकाता से क्यों नहीं। घोष के बयान से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हड़कंप मच गया है। सोच ही पतंगबाजी है- टीएमसी टीएमसी ने जैसे ही यह चर्चा सुनी कि अमित शाह को प्रदेश नेतृत्व यहा
राजस्थान: विधायकों और मंत्रियों का टिकट काटकर सत्ता वापसी चाहती हैं ‘महारानी’?

राजस्थान: विधायकों और मंत्रियों का टिकट काटकर सत्ता वापसी चाहती हैं ‘महारानी’?

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
दिल्ली। राजस्थान विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर सभी दलों में घमासान मचा है। विवादों के बीच भाजपा ने चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में 31 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम है। इस सूची में बीजेपी ने अपने 15 विधायक और 3 मंत्रियों के टिकट काटकर नए उम्मीदवारों को मौका दिया है। 15 विधायकों और 3 मंत्रियों का कटा टिकट दरअसल, इससे पहले भाजपा ने 131 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। उस दौरान भी टिकट कटने से नाराज मंत्री सुरेंद्र गोयल ने पार्टी को बर्बाद करने की धमकी देते हुए प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि और लोग भी बागी रुख अख्तियार कर सकते हैं। पहली सूची में जगह बना पाने में नाकामयाब रहे चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ और उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत का नाम दूसरी सूची में शामिल होने से दोनों के लिए अच्छी खबर
खूब चर्चा में है यह बीजेपी महिला कैंडिडेट, मध्य प्रदेश चुनाव में भाजपा की इकलौती मुस्लिम उम्मीदवार

खूब चर्चा में है यह बीजेपी महिला कैंडिडेट, मध्य प्रदेश चुनाव में भाजपा की इकलौती मुस्लिम उम्मीदवार

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
  भोपाल। मध्य प्रदेश चुनाव में भाजपा की ओर से करीब सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। लेकिन चुनाव जीतने से पहले ही एक महिला उम्मीदवार सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रही है। क्योंकि यह महिला भाजपा की ओर इकलौती टिकट पाने वाली मुस्लिम उम्मीदवार है। नाम फातिमा रसूल सिद्दीकी है। बीजेपी ने इन्हें भोपाल-उत्तर सीट से उम्मीदवार बनाया है। सबसे दिलचस्प यह है कि इन्होंने गुरुवार के दिन दोपहर में भाजपा ज्वाइन की थी। मध्य प्रदेश चुनाव में इकलौती मुस्लिम वहीं, कांग्रेस ने इस सीट पर फातिमा को टक्कर देने के लिए अपने वरिष्ठ नेता आरिफ अकील को मैदान में उतारा है। फातिमा पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मरहूम रसूल अहमद सिद्दीकी की बेटी हैं। इस सीट से फातिमा के पिता 90 के दशक में दो बार विधायक रह चुके हैं। भाजपा ने इस सीट से फातिमा को उम्मीदवार इसलिए बनाया है कि यहां मुस्लिमों की अबा
उत्तर प्रदेश: इलाहाबाद-फैजाबाद के बाद इन जगहों के नाम बदलने की तैयारी, जानें

उत्तर प्रदेश: इलाहाबाद-फैजाबाद के बाद इन जगहों के नाम बदलने की तैयारी, जानें

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
दिल्ली। उत्तर प्रदेश में नाम बदलने का सिलसिला जारी है. इलाहाबाद और फैजाबाद के बाद अब आजमगढ़, कानपुर और अलीगढ़ का नाम बदला जा सकता है. इस बाबत राजस्व विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. हालांकि अफसर इस बाबत कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं. मगर मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जल्द इसे लेकर कैबिनेट प्रस्ताव को मंजूरी देकर नाम बदले जा सकते हैं. अलीगढ़-आजमगढ़ की बारी? अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ किया जा सकता है. जबकि आजमगढ़ का नाम आर्यमगढ़ करने का प्रस्ताव तैयार हो रहा है. 2015 में विश्व हिन्दू परिषद ने उत्तर प्रदेश में प्रस्ताव पास कर कहा था कि अलीगढ़ का प्राचीन नाम हरिगढ़ ही है. इसे बाद में अलीगढ़ कर दिया गया. इसलिए अलीगढ़ को हरिगढ़ किया जाना चाहिए. कल्याण सिंह ने 1992 में मुख्यमंत्री रहते हुए इसका नाम हरिगढ़ करने की कोशिश की थी लेकिन उस वक्त केंद्र में कांग्रेस सरकार थी, इसलिए उनकी कोशिशें कामयाब नहीं हो
तेज प्रताप: संकट टलने तक नहीं लौटूंगा घर, वृंदावन में करा रहे विकास कार्य

तेज प्रताप: संकट टलने तक नहीं लौटूंगा घर, वृंदावन में करा रहे विकास कार्य

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
दिल्ली। बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और लालू प्रसाद के बड़े तेज प्रताप यादव ने साफ कह दिया है कि पारिवारिक संकट टलने तक वो पटना नहीं लौटेंगे. इसका मतलब ये हुआ की छठ पर तेज प्रताप पटना नहीं आएंगे. वृंदावन में ही रहेंगे. जब-जब परिवार पर संकट आया तेज प्रताप प्रभु के शरण में गए. बृज में रम रहे तेज प्रताप तेज प्रताप का मानना है कि प्रभु ने उनकी बांह थामी और संकट को दूर किया. फिलहाल तेज प्रताप बृज में भगवान कृष्ण के लीला स्थलों पर जाकर नमन कर रहे हैं. भगवान कृष्ण में उनकी इतनी आस्था है कि बृज में जाकर विकास कार्य भी करा रहे हैं. पटना स्थित राबड़ी आवास के भीतर चाहे जो टेंशन हो, मगर उससे मुक्त तेज प्रताप ने बृज चौरासी कोस परिक्रमा स्थित बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री, अलकनंदा, लक्ष्मण झूला के दर्शन किए. ये भी पढ़ें: बीवी से तलाक के लिए विंध्याचल में ‘शत्रुहंता यज्ञ’ करा रहे तेज प्रताप !
बीवी से तलाक के लिए विंध्याचल में ‘शत्रुहंता यज्ञ’ करा रहे तेज प्रताप !, राबड़ी आवास में पसरा सन्नाटा

बीवी से तलाक के लिए विंध्याचल में ‘शत्रुहंता यज्ञ’ करा रहे तेज प्रताप !, राबड़ी आवास में पसरा सन्नाटा

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के बेटे तेज प्रताप तलाक की अर्जी को लेकर सुर्खियों में हैं. लगता है कि परिवार वालों के मनाए जाने के बावजूद वो मानने के मूड में बिल्कुल नहीं है. 2 नवंबर को उन्होंने पटना के फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी थी, 3 नवंबर को अपने पिता से मिलने रांची गए. मगर बात नहीं बनी. उनकी तलाक की अर्जी पर 29 नवंबर को सुनवाई होनी है. क्या करेंगे तेज प्रताप? इस बीच वो 2 नवंबर के बाद से अपने घर नहीं लौटे हैं. रांची से लौटने के दौरान वो बोधगया में रूके मगर चुपके से बनारस निकल गए. वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और कहा कि वो गायब नहीं हुए हैं. पूजा-पाठ के लिए बनारस आए हैं. मगर एक बार फिर बनारस से पटना लौटने की बजाए विंध्याचल का रूख कर लिए. दिवाली के मौके पर घरवाले इंतजार करते रहे मगर तेज प्रताप लौट कर घर नहीं आए. ये भी पढ़ें: तलाक मामले पर तेज प्