कांग्रेस के ‘आधार’ पर बीजेपी वाले क्यों हो रहे खुश? SC में कौन जीता, किसकी हार?

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कांग्रेस के 'आधार' पर बीजेपी वाले क्यों हो रहे खुश?

कांग्रेस के 'आधार' पर बीजेपी वाले क्यों हो रहे खुश?

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आधार पर फैसले से तीनों दावेदार खुश हैं. तीनों दावेदार यानी कांग्रेस, बीजेपी और UIDAI. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ-साफ कहा है कि आधार कार्ड किसी की पहचान का आधार तो हो सकता है लेकिन आखिरी शर्त के तौर पर इस्तेमाल नहीं हो सकता.

आधार पर फैसले से तीनों दावेदार खुश

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजनीति तेज हो गई. कांग्रेस और बीजेपी इसे अपनी जीत बता रही है. जबकि भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई ने भी आधार को संवैधानिक रूप से वैध बताने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अपनी जीत बताया. इसका मतलब ये हुआ सुप्रीम कोर्ट के आधार पर फैसले से तीनों दावेदार खुश हैं.

आधार पर बीजेपी की ऐसी हुई जीत

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आधार पर देश की सबसे बड़ी अदालत की फैसले को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने से सरकार का सालाना 90 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई. इस फैसले में विशिष्ट पहचान संख्या की धारणा को स्वीकार किया गया. ये स्वागत योग्य निर्णय है. अरुण जेटली के मुताबिक देश में अब 122 करोड़ लोगों के पास आधार संख्या है. वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने आधार का आइडिया तो लाई थी, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि इसके साथ करना क्या है. हमारी सरकार ने इसका फायदा आम लोगों को पहुंचाया. मगर ऐसी बात नहीं कि सिर्फ बीजेपी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट है बल्कि आधार पर फैसले से तीनों दावेदार खुश हैं.

‘सुप्रीम फैसले’ पर कांग्रेस का तर्क

आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कांग्रेस ने मोदी सरकार के लिए झटका बताया है. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने दावा किया कि आधार पर मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने मौजूदा केंद्र सरकार के 90 फीसदी दावों को खारिज कर दिया. सिंघवी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने यूपीए द्वारा गठित अच्छे आधार बिल को पूरी तरीके से खत्म कर दिया था. इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फैसला बिल्कुल सही है यानी आधार पर फैसले से तीनों दावेदार खुश, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है.

क्रेडिट लेने की होड़ में UIDAI

आधार पर फैसले से तीनों दावेदार खुश हैं, जिसमें एक UIDAI यानी भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण भी है. प्राधिकरण को लगता है कि कम से कम सुप्रीम कोर्ट ने आधार को संवैधानिक रूप से वैध तो बताया. UIDAI के मुख्य कार्यकारी अजय भूषण पाण्डेय ने कहा कि अदालत का फैसला आधार के पक्ष में है. कोर्ट ने संवैधानिक दृष्टि से आधार को वैध बताया है. यह गरीबों और हाशिए पर रह लोगों को सशक्त बनाता है. आधार का इस्तेमाल सब्सिडी और दूसरे सरकारी योजनाओं में होगा, जिससे सरकारी खजाने का बेजा इस्तेमाल नहीं हो सकेगा. साथ ही आयकर देने में गड़बड़ी, टैक्स चोरी और कालेधन पर अंकुश लगेगा.

आधार पर SC ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने आधार को संवैधानिक रूप से वैध बताया. बैंक खाते, मोबाइल फोन और स्कूल दाखिले में अब आधार कार्ड जरूरी नहीं है. हालांकि आयकर रिटर्न भरने और पैन कार्ड बनाने के लिए आधार अनिवार्य है. आधार कार्ड से बैंक खातों को लिंक करना भी जरूरी नहीं है. मोबाइल फोन का कनेक्शन देने के लिए अब टेलीकॉम कंपनियां आधार नहीं मांग सकती. सुप्रीम कोर्ट ने आधार की सीमा रेखा तय कर दी है. न तो पूरी तरह खारिज किया और ना ही इसे आखिरी बताया. सुप्रीम कोर्ट के आधार पर फैसले से तीनों दावेदार खुश हैं और अपने-अपने हिसाब से इसे देख भी रहे हैं.

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