VIDEO: हिमाचल में बारिश से बिगड़े हालात, खिलौने की तरह ट्रक-बस बहा ले गई ब्यास नदी

0
146
हिमाचल में बारिश से बिगड़े हालात, खिलौने की तरह ट्रक-बस बहा ले गई ब्यास नदी

 हिमाचल में बारिश से बिगड़े हालात, खिलौने की तरह ट्रक-बस बहा ले गई ब्यास नदी

दिल्ली। हिमाचल में लगातार हो रही बारिश के बाद से हालात काफी खराब हो गए हैं। तेज बारिश की वजह से प्रदेश में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बारिश की वजह से बारिश में ट्रक पानी में बह गया तो मनाली के वॉल्वो बस अड्डे पर खड़ी वॉल्वो बस बारिश की चपेट में आई। मिट्टी कटाव की वजह से बस कई किलोमीटर तक बहते हुए चली गई।

वॉल्वो बस बारिश की चपेट में आई

बस ऐसे बही जैसे कोई खिलौना पानी में बह रहा हो, हालांकि गनीमत यह रही कि जिस समय बस बही उस समय उसमें कोई सवार नहीं था। बारिश के कारण प्रदेश में नदी-नाले उफान पर है। भारी बारिश की वजह से सड़कों पर भी सैलाब आ गया है। वॉल्वो बस बारिश की चपेट में आई गई. वहीं, बारिश के बाद हुई बर्फबारी से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पारा 6 से 8 डिग्री नीचे गिरा है। लाहौल-स्पीति में बर्फबारी के बाद बर्फ की मोटी चादर बिछी है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मूसलाधार बारिश के बाद नदियों में जल स्तर बढ़ने पर कांगड़ा जिले में उफान पर नजर आ रही नाहड़ खाड़ में भी एक व्यक्ति के बह जाने से उसकी मौत हो गई। मगर मनाली में वॉल्वो बस बारिश की चपेट में आई और माचिस की डिब्बे तरह ब्यास में समा गई. खबरों के मुताबिक कुल्लू में बहे ट्रक में चालक और परिचालक भी सवार थे, जिन्हें लोगों ने बहते हुए देखा है। प्रशासन ने पूरे इलाके में अलर्ट घोषित कर दिया है। कुल्लू, किन्नौर, मंडी और चंबा जिलों के स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुल्लू में मनाली से लेकर बजौरा तक ब्यास में 23 साल बाद इतना ज्यादा पानी देखा गया है।

रेस्क्यू में लगा एयर फोर्स का हेलिकॉप्टर

उधर, हिमाचल प्रदेश में कुल्लू जिले के दोबी में बाढ़ा और भारी बारिश की वजह से फंसे 19 लोगों को इंडियन एयर फोर्स के हेलिकॉप्टर से बचाया गया. मनाली में वॉल्वो बस बारिश की चपेट में आई. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण उपजे हालात की समीक्षा के लिए एक बैठक की. अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जान-माल की हानि को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए जाएं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.