पेश है सर्जिकल स्ट्राइक की कहानी, लंदन से मोदी की जुबानी

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लंदन से मोदी की जुबानी

लंदन में पीएम मोदी ने खूब बोला. देश-विदेश का शायद की कोई मुद्दा हो, जिसे पर मोदीजी ने छोड़ा हो. ढाई घंटे के मेगा इवेंट में तालियां भी खूब बटोरी. ऐसा लगा कि लंदन से भारत को संबोधित कर रहे हो.

मगर सबसे अहम था पाकिस्तान पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में जानकारी देना. लंदन से पीएम मोदी ने इस्लामाबाद को चेतावनी दी. इसके बाद पूरा विस्टमिंटर हॉल तालियों से गूंज उठा. तो पेश है लंदन से मोदी की जुबानी, सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी.

लंदन से मोदी की जुबानी

पीएम मोदी ने कहा कि सेना ने सितंबर 2016 में पाकिस्तान के साथ लगती नियंत्रण रेखा के पास सर्जिकल स्ट्राइक की. भारत का चरित्र अजेय रहने का है. किसी का हक छीनना ये भारत का चरित्र नहीं है.

लेकिन जब कोई टेररिज्म एक्सपोर्ट करने का उद्योग बनाकर बैठा हो, मेरे देश के निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया जाता हो, युद्ध लड़ने की ताकत नहीं है. पीठ पर वार करने के प्रयास होते हों तो ये मोदी है, उसी भाषा में जवाब देना जानता है.

‘योजना पर शत प्रतिशत इम्प्लिमेंट किया’

मोदी ने आगे कहा कि हमारे जवान टेंट में सोए हुए थे. रात को कुछ बुजदिल आकर उनको मौत के घाट उतार दें, आप में कोई चाहेगा मैं चुप रहूं.

क्या ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए कि नहीं देना चाहिए और इसलिए सर्जिकल स्ट्राइक किया. मुझे अपनी सेना पर गर्व है. जो योजना बनी थी उसको शत प्रतिशत इम्प्लिमेंट किया और सूर्योदय होने से पहले वापस लौटकर आ गए.

‘फोन कर के पाकिस्तान को बताया’

पीएम मोदी ने ये भी कहा कि दुनिया को जानकारी देने से पहले भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पाकिस्तान को बताया था.
हमारे अफसरों की नेकदिली देखिए, मैंने हमारे अफसरों से कहा कि आप हिन्दुस्तान को पता चले उससे पहले पाकिस्तान की फौज को फोन करके बता दो.

आज रात हमने ये किया है. ये लाशें वहां पड़ी होंगी तुम्हे समय हो तो वहां से ले आओ. हम सुबह 11 बजे से उनको फोन लगा रहे थे. वो फोन पर आने से डर रहे थे. वो आ ही नहीं रहे थे. वो 12 बजे फोन पर आए.

तब जाकर हमने दुनिया को बताया कि भारत की सेना का ये अधिकार था न्याय प्राप्त करने का और हमने किया.