दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप क्यों लग रहा है?

ईवीएम पर सवाल उठाया

दिल्ली। DUSU छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी का फिर डंका बजा. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सह-सचिव पद पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की. वहीं सचिव पद पर कांग्रेस की छात्र संघ इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने कब्जा किया. मगर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईवीएम पर सवाल उठाया.

ईवीएम पर सवाल उठाया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज ट्वीट कर आरोप लगाया कि दिल्ली विश्वविद्यालय वाले कैसे किसी प्राइवेट पार्टी से ईवीएम मशीन खरीद सकते हैं? क्या चुनाव आयोग की अनुमति के बिना ईवीएम रखना अपराध नहीं है? एनएसयूआई, लेफ्ट और आप की छात्र इकाई ने भी ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज के मुताबिक मशीनें किसी प्राइवेट कंपनी से खरीदी गई हो सकती है.

तब सवाल उठता है कि आखिर दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में इस्तेमाल की गई ईवीएम कहां से आई? दिल्ली विश्वविद्यालय के मुताबिक ये ईवीएम किसी प्राइवेट कंपनी से नहीं बल्कि सरकारी संस्था ईसीआईएल से 10 साल पहले ली गई थी. ईसीआईएल यानी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड. ये भारत सरकार की कंपनी है जो एटॉमिक एनर्जी डिपार्टमेंट के तहत आती है. यही कंपनी चुनाव आयोग के लिए भी ईवीएम बनाती है. ईवीएम के मेनटेनेंस का काम भी यही कंपनी करती है.

DUSU में ABVP का परचम

दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव में एक बार फिर से एबीवीपी ने अपना परचम लहराया है। एबीवीपी ने DUSU चुनाव में तीनों पर कब्जा किया, जबकि एक सीट पर एनएसयूआई की जीत हुई। वहीं, लेफ्ट पार्टियों के सभी संगठन और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को मुंह की खानी पड़ी।

दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के उम्मीदवार अंकिव बसोया ने जीत दर्ज की। उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के ही शक्ति सिंह, सचिव पद पर एनएसयूआई के आकाश चौधरी और संयुक्त सचिव के पद पर एबीवीपी की ज्योति चौधरी ने जीत दर्ज की।

वहीं, मतगणना के दौरान कुछ घंटों तक ईवीएम में गड़बड़ी की वजह से मतगणना रुक गई थी, ईवीएम पर सवाल उठाया गया था. जिसकी वजह से छात्र संगठनों ने हंगामा किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी के बाद, कांग्रेस से जुड़े संगठन एनएसयूआई ने नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की जबकि एबीवीपी ने फिर से मतगणना शुरू कराने को कहा था। बाद में सभी उम्मीदवारों ने मतगणना फिर से शुरू करने पर सहमति जताई।

चुनाव आयोग ने दी सफाई

हालांकि ईवीएम में आई खराबी के बाद चुनाव आयोग पर आरोप लग रहे थे। ईवीएम पर सवाल उठाने के बाद चुनाव आयोग ने सफाई देते हुए कहा कि डूसू चुनाव में हमारा ईवीएम नहीं था। इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। मगर बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन और ईवीएम बनानेवाली कंपनी का बयान आया.

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