दुनिया का बलात्कारी शहर, जहां हर तीसरा आदमी रेपिस्ट है

दुनिया का बलात्कारी शहर, जहां हर तीसरा आदमी रेपिस्ट है
फाइल फोटो

दिल्ली। बलात्कार, रेप, दुष्कर्म, मुंह काला करना ये अलग-अलग शब्द हैं, मगर सबके मायने एक ही है. किसी के इज्जत को तार-तार कर देना. ये हिन्दुस्तान में ही नहीं दुनिया के हर कोने में होता है. ऐसी बात नहीं कि ये हाल में शुरू हुआ है. ये सदियों से चला आ रहा है. जो करता है उसे भी पता है कि ये गलत है. फिर भी हो रहा है. मगर इस दुनिया में एक ऐसा शहर भी है जहां का हर तीसरा आदमी रेपिस्ट है.

दुनिया का ‘बलात्कारी शहर’

शहर के हर तीसरे आदमी पर रेपिस्ट होने का कलंक दक्षिण अफ्रीकी शहर डीपस्लूट पर है. ये जोहान्सबर्ग के सबसे खतरनाक इलाकों में से एक है. यहां बलात्कर होना आम बात है. दरवाजा खुलते ही कौन आपके घर में चाकू लेकर घुस जाएगा, ये आपको नहीं पता. हो सकता है वो आपके सामने आपके बीवी और बेटी से बलात्कार कर आराम से चला जाए और पुलिस-प्रशासन उसका बाल भी बांका न कर पाए.

अगर शिकायत करने थाने जाएंगे तो पुलिस इसे बहुत गंभीरता से न ले. आप मन मसोस कर घर में बैठ जाएं. फिर कुछ दिनों बाद अपने रोजमर्रा के कामों में उलझ जाएं, या डिप्रेशन में चले जाएं. मगर यहां किसी को फर्क नहीं पड़ता. हो सकता है वो शख्स दोबारा आपके घर में घुस जाए और फिर अपना मुंह काला कर चला जाए.

यहां जिंदगी काटना भी किसी नर्क से कम नहीं है. अफ्रीकी शब्द डीपस्लूट का मतलब ‘डीप डीच’ होता है यानी ‘गहरी खाई’. यहां के लोगों को लगता है कि वो गहरी खाई में फंस गए हैं उन्हें बचाने वाला कोई नहीं है. जैसे हैं जिस हाल में हैं उसी हालत में जब तक सांस चल रही है उसी हाल में जीना होगा. डीपस्लूट गरीबी और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है. लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपराध और रेप कल्चर ने यहां की आर्थिक हालात को बुरा कर दिया है.

‘दोस्त की गर्लफ्रेंड से रेप किया’

डीपस्लूट के रहनेवाले 2 युवाओं ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने अबतक कई महिलाओं से बलात्कार किया है. कैमरे के सामने ये कहते उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं थी. उन्होंने दावा किया कि वो नहीं जानते थे कि वो कुछ गलत कर रहे हैं. उन्होंने कभी भी खुद को उन बलात्कार पीड़िताओं की जगह रखकर उनकी तकलीफ का अंदाजा लगाने की कोशिश नहीं की. वो कैमरे पर अपना चेहरा दिखाने को तैयार थे लेकिन अपना नाम गुप्त रखना चाहते थे.

उन्होंने बड़े आराम से अपने अपराधों की कहानियां बीबीसी को सुनाई. उन्होंने बताया कि जैसे ही वो दरवाजा खोलती, हम उनके घर में घुस जाते और अपना चाकू निकाल लेते. वो चिल्लाती थी. हम उन्हें चुप हो जाने को कहते. फिर उन्हीं की बेड पर ले जाकर हम उनका रेप करते थे. दोनों युवकों में से एक ने कहा कि यहां तक कि मैंने एक बार इसी के सामने इसकी गर्लफ्रेंड का रेप कर दिया था. ये डीपस्लूट बेहद आम बात है.

‘एक ही महिला से 2 बार रेप किया’

इस शहर के तीन में से एक पुरुष ने माना कि उन्होंने कम से कम एक बार बलात्कार किया है. ये संख्या यहां की आबादी की 38 फीसदी है. ये बात 2016 के एक सर्वे में सामने आई थी. इस सर्वे के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ विटवॉर्टसर्रड ने 2,600 से ज्यादा मर्दों से बात की थी. कुछ लोगों ने माना की वो एक ही महिला से 2 बार रेप किया था.

रेप पीड़ित मारिया ने बताया कि उनके घर में रेप किया गया था. जिस वक्त उनका रेप हुआ, उनकी बेटी बगल के कमरे में सो रही थी. वो बेटी के न उठने की प्रार्थना कर रही थी. उनको डर था कि कहीं वो लोग उसे कुछ नुकसान न पहुंचा दें. रेपिस्ट ने कहा कि वो किसी को नहीं मारेंगे, लेकिन वो जो करना चाहते हैं उसे करने दें. फिर उसने मेरा रेप किया. वो दूसरी बार उनका रेप कर रहा था.

यहां बलात्कार अपराध नहीं है!

डीपस्लूट में बहुत कम पीड़िताएं रेपिस्टों का विरोध कर पाती हैं. यहां रहनेवाले लोगों के मन में ये धारणा है कि बलात्कार अपराध नहीं है. पिछले तीन सालों में बलात्कार की 500 शिकायतें की गई, मगर किसी भी मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं हुई. रेप के मामले में ही नहीं दूसरे मामले में भी यहां कानून कुछ खास नहीं कर पाता. रात में डीपस्लूट की सड़कों पर निकलना बेहद खतरनाक है. कुछ बुरा होने पर मदद मिलना बेहद ही मुश्किल है.

अगर रात में 10-11 बजे किसी की हत्या हो जाती है तो पुलिस अगले दिन तक नहीं आती. बाद में किसी तरह शव को हटाया जाता है. अगर कोई अपराध हो रहा है और वहां पुलिस है तो वो भी कुछ नहीं करती. पुलिस-प्रशासन का ढीला रवैया शहरवासियों की जिंदगी को नर्क बना दिया है. डीपस्लूट के निवासी कहते हैं कि उनका मर जाना ही ज्यादा अच्छा है. वो हमारे घरों में घुस जाते हैं और हमारे पतियों के सामने हमारा रेप करते हैं. वो हमारे पति से कहते हैं कि देखो, देखो मैं कैसे तुम्हारी पत्नी का रेप कर रहा हूं.

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