VIDEO: द ग्रेट पॉलिटिकल ड्रामा, राहुल का ‘रॉकस्टार’ स्टाइल और मोदी का जवाब

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फ्लोर टेस्ट: द ग्रेट पॉलिटिकल ड्रामा, राहुल का 'रॉकस्टार' स्टाइल और मोदी का जवाब

फ्लोर टेस्ट: द ग्रेट पॉलिटिकल ड्रामा, राहुल का 'रॉकस्टार' स्टाइल और मोदी का जवाब

दिल्ली। फ्लोर टेस्ट में मोदी सरकार पास हो गई. वैसे भी फेल होने का कोई चांस नहीं था. मगर सुबह 11 बजे से शुरू हुआ द ग्रेट पॉलिटिकल ड्रामा रात सवा 11 बजे तक चला. अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में 325 और समर्थन में 126 वोट पड़े. कुछ पार्टियां वोटिंग के दौरान वॉकआउट कर गई.

मगर भाषणबाजी जमकर हुई. गले मिलने से लेकर आंख मारने तक का वीडियो वायरल हुआ. लोगों ने खूब मजे लिए. इस दरम्यान राहुल गांधी रॉकस्टार के रोल में नजर आए. राफेल से लेकर मॉब लिंचिंग तक सवाल पूछे गए. तीखी बहस हुई. हंसी-मजाक भी हुआ. राहुल गांधी ने मौजूदा मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए, फिर प्रधानमंत्री मोदी ने उसका जवाब दिया.

राफेल मामला

राहुल गांधी- मुझे नहीं पता कि उन्होंने किससे बात की लेकिन हमारे प्रधानमंत्री फ्रांस गए, पूरा देश जानता है कि वो किसके साथ गए थे. जेट विमानों की कीमत प्रति जेट 1600 करोड़ रुपए हो गई. प्रधानमंत्री के दबाव में आकर निर्मला सीतारमण ने देश को झूठ बोला है. निर्मलाजी, प्रधानमंत्री जी देश को बताइए. उन्हें सदन में जवाब देना चाहिए कि कैबिनेट कमेटी ने ये निर्णय लिया या नहीं और उन्हें ये भी समझना चाहिए कि ये कॉन्ट्रैक्ट एचएएल और कर्नाटक के युवाओं से लेकर क्यों एक ऐसे बिजनेसमैन को दिया गया जिस पर 35 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था. और जिसने अपने जीवन में कभी भी एक विमान नहीं बनाया है.

नरेंद्र मोदी- राफेल पर देश को गुमराह किया जा रहा है. देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर इस तरह खेल नहीं करना चाहिए. ये कितना दुखद है कि सदन में लगाए आरोप पर दोनों देशों को खंडन करना पड़ा. देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये समझौता दो देशों के बीच हुआ है, जिम्मेदार सरकारों के बीच हुआ है और पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ है.

डोकलाम मुद्दा

राहुल गांधी- प्रधानमंत्री चीन के राष्ट्रपति के साथ गुजरात में नदी के किनारे झूला झूलते रहे. उसी समय 1000 चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में थे. चीनी राष्ट्रपति वापस गए और सेना को डोकलाम लाते हैं, हमारे सैनिकों ने अपनी शक्ति दिखाई और चीन के सामने खड़े हुए. उसके कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री चीन जाते हैं, वुहान में बिना किसी एजेंडा के बात करते हैं, कहते हैं- हम डोकलाम पर बात नहीं करेंगे.

नरेंद्र मोदी- जब सरकार एकजुट होकर डोकलाम के मुद्दे पर जिम्मेदारी संभाल रही थी तब डोकलाम पर बात करने वाले चीन के राजदूत के साथ बैठते हैं. बाद में राजदूत से मुलाकात की बात बताने में भी हिचक रहे थे.

कर्जमाफी

राहुल गांधी- हर कोई रिश्ते समझता है. प्रधानमंत्री के पास कुछ व्यापारिक लोगों का साथ है. किसानों ने प्रधानमंत्री से उनका कर्ज माफ करने की अपील की. उन्होंने कुछ 15-16 समृद्ध लोगों के करोड़ों रुपए माफ कर दिए लेकिन किसानों की नहीं सुनी. प्रधानमंत्री सिर्फ 15-16 बिजनेसमैन से बात करते हैं. किसान और वंचित क्या महसूस करते हैं ये प्रधानमंत्री तक नहीं पहुंचता.

नरेंद्र मोदी- हम किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने के लिए कदम उठा रहे हैं लेकिन कांग्रेस को विश्वास नहीं. हम सीमलेस व्यवस्था बना रहे हैं लेकिन इनको भरोसा नहीं है. 99 सिंचाई योजनाओं को पूर्ण कर रहे हैं जो लटकी हुई थी. 15 करोड़ किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड दिया. यूरिया में शत प्रतिशत कोटिंग की, जिसका किसानों को लाभ हुआ. पीएम फसल योजना के जरिए किसानों में विश्वास भरा, प्रीमियम कम किया और बीमा का दायरा बढ़ाया.

एनपीए की शुरुआत 2008 से हुई और 2009 में चुनाव था. कांग्रेस को लगने लगा था कि एक साल बचा है. जितने बैंक खाली कर सकते हो करो. एनपीए एक बार आदत गई तो बैंकों की लूट 2014 तक जारी रही. आजादी के साठ साल बाद हमारे देश की बैंकों ने लोन के रुप में जो राशि दी थी वो 18 लाख करोड़ थी. लेकिन 2008 से 2014 तक ये राशि 52 लाख करोड़ हो गई. बैंक एनपीए के जंजाल में फंसते चले गए. ये भारत की जनता के लिए लैंड माइन की तरह था.

मॉब लिंचिंग

राहुल गांधी- लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है. लोग लिंच किए जा रहे हैं और मारे जा रहे है लेकिन प्रधानमंत्री एक शब्द नहीं बोलते हैं. क्या दलित, आदिलवासी और अल्पसंख्यक भारत से नहीं हैं? क्या महिलाएं भारत से नहीं हैं? तो जब ऐसा होता है तो प्रधानमंत्री चुप क्यों रहते हैं? कहीं भी भारतीय को मारा जा रहा है. ये देश के लिए सही नहीं है. तो जब ऐसा कुछ होता है तो प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि वो देश को बताएं वो कैसा महसूस करते हैं?


नरेंद्र मोदी- मॉब लिंचिंग की घटनाएं निंदनीय है. मॉब लिंचिंग की हिंसा से हुई किसी भी व्यक्ति की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मैं राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि ऐसी घटनाओं को रोकें.

रोजगार

राहुल गांधी- सिर्फ 4 लाख युवाओं को रोजगार मिला है. चीन 50 हजार युवाओं को 24 घंटे में रोजगार देता है और आप (मोदी सरकार) केवल 400 युवाओं को नौकरी देते हैं.

नरेंद्र मोदी- हमने 50 लाख रोजगार देने का काम किया है. युवाओं के स्वरोजगार के लिए पहले नौजवानों को सर्टिफिकेट मिलते थे, हमने मुद्रा योजना से 13 करोड़ नौजवानों को लोन दिया. 10 हजार से ज्यादा स्टार्टअप हमारे नौजवान चला रहे हैं.

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