क्या केरल में बाढ़ की वजह सबरीमाला मंदिर विवाद है?

rbi director joins sabarimala temple issue in kerala floods

दिल्ली। केरल में बाढ़ की वजह क्या है? आखिर क्यों 100 साल में आई सबसे बड़ी बाढ़ से केरल जूझ रहा है? ऐसा क्यों लग रहा है कि पूरे देश की बरसात केरल में ही हो रही है? सोशल मीडिया ने इसका खोज किया है. ट्वीटर पर इस बारिश को कुछ लोग सबरीमाला मंदिर के भगवान अयप्पन की नाराजगी बता रहे हैं.

इन्ही में से एक हैं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) में अंशकालिक निदेशक बने एस गरुमूर्ति. गरुमूर्ति ने अपने ट्वीट में इशारा किया है कि अगर ये बाढ़ सबरीमाला के भगवान अयप्पन की नाराजगी की वजह से है तो सुप्रीम कोर्ट को अपने फैसले पर सोचना चाहिए.

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केरल में बाढ़ की वजह क्या है?

केरल में बाढ़ की वजह क्या है? इसे ढूंढने की बजाए लोग एक-दूसरे की मदद करने में जुटे हैं मगर एस गुरुमूर्ति ने एक ट्विटर यूजर के ट्वीट पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के जजों को देखना चाहिए कि केस और जो सबरीमाला में हुआ, उसके बीच कोई संबंध है या नहीं. अगर कोई संबंध का लाखों में एक चांस भी है तो लोगों को अयप्पन के खिलाफ फैसला पसंद नहीं आएगा.


आलोचना होने पर गुरुमूर्ति ने एक और ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि मैंने यह कहा- अगर इस मामले और बारिश में हल्का सा भी कनेक्शन हो सकता तो लोग- फिर से कहता हूं लोग- नहीं चाहेंगे कि फैसला अयप्पन के खिलाफ जाए. यदि लोगों की मान्यता के बारे में है. आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैं अयप्पा का भक्त नहीं हूं और सबरीमाला भी नहीं जाता.

उन्होंने आगे लिखा, भारतीय बुद्धिजीवियों के पाखंड को देखकर हैरान हूं जो लोगों की आस्था को खारिज कर देते हैं. 99 फीसदी भारतीय भगवान में विश्वास करते हैं. उदारवादी, धर्मनिरपेक्ष, बुद्धुजीवी को मिलाकर 100 फीसदी लोग ज्योतिष को मानते हैं. नास्तिक करुणानिधि के समर्थकों ने भी उनके लिए प्रार्थना की थी. मैं उन लोगों में से हूं जो ज्योतिष की बजाय भगवान को मानते हैं.

इस ट्वीट पर गुरुमूर्ति का था ट्वीट

दरअसल हरि प्रभाकरण नाम के ट्विटर यूजर ने सबरीमाला की फोटो के साथ एक ट्वीट किया. फोटो में दिख रहा है कि सबरीमाला मंदिर के चारो तरफ पानी ही पानी है. प्रभाकरण ने लिखा कि कोई कानून भगवान से बड़ा नहीं है. अगर आप सभी को घुसने दोगे तो वो भी सबको आने से मना कर देगा. इस ट्वीट को काफी लोगों ने लाइक और रीट्वीट किया. मगर केरल में बाढ़ की वजह क्या है? इसकी तलाश जारी रही.

इसके अलावा उन्होंने ये भी लिखा कि अगर आप अपना जन्म या मरना नहीं बदल सकते तो मंदिर में सदियों से चली आ रही प्रथा क्यों बदल रहे हो. सबरीमाला हमारा विश्वास है. इसी ट्वीट पर एस गुरुमूर्ति ने अपनी राय जाहिर की थी.

इसके अलावा भी सबरीमाला की पुरानी परम्परा के समर्थन में कई लोगों ने ट्वीट किया. जबकि कई लोगों ने इसका खंडन भी किया. केरल  में बाढ़ की वजह क्या है? पर कुछ लोगों का कहना था कि इस विपदा को धर्म से लिंक न करें. जबकि कई लोगों का ट्वीट परम्परा का समर्थन कर रहा.

क्या है सबरीमाला मंदिर विवाद?

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सुप्रीम कोर्ट ने इसी महीने केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई की थी. केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के जाने पर रोक है. ये परम्परा सदियों पुरानी रही है. क्योंकि 10 से 50 साल की महिलाओं को मासिक धर्म होता है. 10 साल से कम और 50 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं मंदिर में जा सकती हैं. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. हालांकि कोर्ट ने अपनी टिप्पणियों में कई बार कहा कि पुरुषों की तरह महिलाओं को भी मंदिर में जाने का अधिकार है.

कौन हैं एस गुरुमूर्ति?

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गुरुमूर्ति को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचारक माना जाता है. स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक भी हैं. एस गुरुमूर्ति को 8 अगस्त को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में अंशकालिक निदेशक बनाया गया. 2016 में नोटबंदी के दौरान मीडिया में खबरें आई थी कि इसका आइडिया गुरुमूर्ति ने दिया था. आरबीआई में डायरेक्टर बनाए जाने पर गुरुमूर्ति ने ट्वीटर पर लिखा था कि मुझे पहली बार ये पद मिला है. मैंने कभी निजी या सरकारी कंपनी में निदेशक के पद को स्वीकार नहीं किया. मैंने कभी पीएसयू या निजी कंपनी में कोई ऑडिट भी नहीं किया. मैं स्वतंत्र होकर बोलना चाहता था. लेकिन जब दबाव बढ़ा कि मुझे लोगों के हित में काम करना चाहिए तो मैंने इसे स्वीकार किया.

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