शादी की पहली रात ही दुल्हन ने किया ऐसा कांड कि दूल्हा के घर में मच गया कोहराम

लुटेरी दुल्हन
सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली। लुटेरी दुल्हन की कहानी तो आपने बहुत सुनी होगी। बड़े से लेकर छोटे पर्दे तक पर लुटेरी दुल्हनों की कहानी फिल्माई गई है। उत्तराखंड के रुड़की स्थित पिरान कलियर पुलिस ने भी एक ऐसे ही लुटेरी दुल्हन और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है।

अब तक 11 शादियां कर चुकी है लुटेरी दुल्हन

गिरफ्तार हुई दुल्हन अब तक 11 लोगों से शादी करके लूट चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिविल लाइंस कोतवाली में एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने पूरे मामले का खुलासा किया है।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार की गई दुल्हन अब तक 11 लोगों से शादी करके लूट चुकी है। उन्होंने कहा कि छह मई को कलियर थाना क्षेत्र के धनौरी निवासी अशोल कुमार के पुत्र छत्रपाल सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था।

जिसमें उसने बताया कि क़डच्छ मोहल्ला निवाली मुकेश ने कुछ दिन पूर्व पूजा उर्फं रीता निवासी कोटद्वार से शादी की थी। मुकेश ने बताया कि वह परिवार से गरीब से है। इसलिए शादी के पचास हजार की रकम अशोक से ली गई।

शादी के अगले रात ही जेवरात लेकर भागी

रोशनाबाद कोर्ट में दो अप्रैल को मुकेश और पूजा की शादी हुई। इस दौरान पूजा के पिता महेंद्र भी शादी में शामिल हुए थे। शादी की रात को ही दुल्हन पूजा घर से पहने हुए जेवरात लेकर फरार हो गई।

इसके बाद परिजनों नै बिचोलिए को तलाश किया। जो ज्वालापुर में किराए के मकान में रहता था। जब उसके घर पर जाकर देखा तो उसके घर पर ताला लगा था।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक वह वहां से फरार हो गया था। नहीं मिलने पर दूल्हा पक्ष के लोगों ने उन आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी।

अब कलियर पुलिस ने टिबड़ी हरिद्वार महिला समेत इस गिरोह के चार लोगों को पकड़ लिया है। इनके पास से पैतीस हजार नगद, मंगलसूत्र और बिछवे बरामद किए है।

पुलिस के मुताबिक यह गिरोह राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा के करीब 11 लोगों को शादी के नाम पर झांसा देकर उनसे नगदी व जेवरात लूटकर फरार हो चुके हैं।

ऐसे देती थी ‘लुटेरी दुल्हन’ वारदान को अंजाम

पुलिस के अनुसार मुकेश ऐसे युवकों की तलाश करता था, जिनकी शादी होने के बाद पत्नी मर गई या फिर किसी युवक की शादी नहीं हो रही हो।

इसके बाद यह युवती को गरीब बताकर उसकी परिजनों को पैसे देने की बात करके शादी के लिए राजी कर लेते थे। उसके बाद भोपाल लड़की का पिता और अरुण भाई का रोल अदा करता था।

वकील की भूमिका से लेकर पुजारी तक के रोल बड़ी बखूबी के साथ निभाते थे। विदाई के समय रोने के ढोंग भी बड़ी चतुराई के साथ करते हैं। जब दुल्हन-दूल्हे के साथ चली जाती थी।

तो वह दूल्हे के परिजनों से मिलकर कि जैसे वह कई दिनों से उनके जानते हो। एक रात में ही मौका देखकर नींद की गोली खिलाकर फरार हो जाती थी।

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