विजय माल्या के खुलासे ने जेटली को फंसा दिया? राहुल ने की इस्तीफे की मांग

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दिल्ली। कई बैंकों से धोखाधड़ी के बाद भारत से फरार विजय माल्या ने एक बयान देकर वित्त मंत्री अरुण जेटली की मुश्किलें बढ़ा दी है। लंदन कोर्ट में सुनवाई के लिए आए माल्या ने कहा है कि देश छोड़ने से पहले मैंने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। वहीं, जेटली ने भी माल्या से मुलाकात की बात स्वीकारी है। लेकिन माल्या के इस बयान के बाद भाजपा पर कांग्रेस एक बार फिर से हमलावर हो गई है।

‘अरुण जेटली से मिला था’

दरअसल, लंदन कोर्ट के बाहर विजय माल्या ने कहा कि वो देश छोड़ने से पहले अरुण जेटली से मिला था। माल्या ने कहा कि उनसे मिलकर मामले को सुलझाना चाहता था लेकिन बैंकों की आपत्ति के वजह से मामला सुलझ नहीं सका। कोर्ट के बाहर माल्या ने कहा कि मुझे दोनों बड़ी पार्टियों ने राजनीतिक फुटबॉल बना दिया और बाद में मुझे बलि का बकरा बनाया गया। उसने बताया कि जेनेवा में एक मीटिंग में शामिल होने की वजह से मैं देश से बाहर आया था।

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वहीं, माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर अगली सुनवाई की तारीख 10 दिसंबर रखी गई है। विवाद बढ़ने के बाद माल्या ने सफाई देते हुए कहा कि उसने जेटली से औपचारिक मुलाकात नहीं की थी, बल्कि मीडिया ने उनके बयान को लेकर विवाद पैदा कर दिया। माल्या ने कोर्ट से बाहर आकर कहा कि मैं सिर्फ यह बता रहा था कि किस तरह से भारत से बाहर आया।

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‘सुलझाने का ऑफर दिया था’

माल्या के बयान के बाद मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उन्हें मुलाकात के लिए कोई वक्त नहीं दिया गया था। हालांकि संसद परिसर में उन्होंने मुझसे बात कर मामले को सुलझाने का ऑफर दिया था। माल्या ने सांसद होने के विशेषाधिकार का गलत इस्तेमाल किया। जेटली ने कहा कि मैंने उनके ऑफर को ठुकराते हुए कहा कि इस बारे में कोई बातचीत नहीं हो सकती और मैंने उनसे कोई भी दस्तावेज नहीं लिए, जो वह अपने साथ लेकर आए थे।

राहुल गांधी ने मांगा इस्तीफा

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि विजय माल्या द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। प्रधानमंत्री को इस मामले में तुरंत एक स्वतंत्र जांच करानी चाहिए। जब तक जांच पूरी हो, तब तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद पर नहीं रहना चाहिए।


माल्या और जेटली की मुलाकात पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने निशाना साधते हुए कहा कि देश छोड़ने से पहले नीरव मोदी की प्रधानमंत्री से मीटिंग और माल्या की वित्त मंत्री अरुण जेटली से मीटिंग से क्या साबित होता है, यह लोग जानना चाहते हैं।

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