Tag: RAHUL GANDHI

मध्य प्रदेश चुनाव: ‘विजय’ के लिए विजयाराजे को क्यों याद कर रही बीजेपी?

मध्य प्रदेश चुनाव: ‘विजय’ के लिए विजयाराजे को क्यों याद कर रही बीजेपी?

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्
दिल्ली। मध्य प्रदेश का 'किला' फतह करने के लिए कांग्रेस और बीजेपी जोर-आजमाइश कर रही है. इन सबके बीच ग्वालियर में सिंधिया राज परिवार की महरानी स्वर्गीय विजयाराजे सिंधिया का सौवां जन्मदिन मना. विजयाराजे की दोनों बेटियां वसुंधरा राजे सिंधिया और यशोधरा राजे सिंधिया ने ट्विटर पर अपनी मां की पुरानी तस्वीरों को साझा करते हुए श्रद्धांजलि दी. हालांकि उनके पोते और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मौके पर कोई ट्वीट नहीं किया. विजयाराजे सिंधिया का सौवां जन्मदिन ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विजयाराजे सिंधिया का जन्मशती समारोह का शुभारंभ किया. ग्वालियर में विजयाराजे सिंधिया का सौवां जन्मदिन मना. इस मौके पर कमलशक्ति दल की मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाई गई. ये मैराथन दौड़ दिल्ली तक चलेगी. चार राज्यों से होकर गुजरेगी, इसमें राजस्थान भी शामिल है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर म
कांग्रेस से ‘बिदकीं’ मायावती, बीजेपी को होगा बंपर चुनावी फायदा!

कांग्रेस से ‘बिदकीं’ मायावती, बीजेपी को होगा बंपर चुनावी फायदा!

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दिल्ली। 2019 के चुनाव से पहले विपक्षी एकता का गुब्बारा फूट गया है। महागठबंधन बनने से पहले ही बिखर गया है। कांग्रेस से मायावती ने दूरी बनाई। जिसका सीधा फायदा हो चुनावी राज्यों में बीजेपी होगी। क्योंकि मायावती के अलग होने से दलित वोटों का बिखराव होगा, जिसका लाभ बीजेपी उठाएगी। कांग्रेस से मायावती ने दूरी बनाई मायावती ने कहा है कि कांग्रेस बीजेपी से डरी हुई है और मुस्लिमों को टिकट देने से डरती है। मायावती ने कहा कि हम हमेशा से बीजेपी को सत्ता से बाहर रखना चाहते हैं, इसलिए हमने क्षेत्रीय दलों से गठबंधन किया है। एमपी और राजस्थान में कांग्रेस का इरादा बीजेपी को हराने की नहीं है। बल्कि वह उनके साथ दोस्ती रखने वाली पार्टियों को ही हानि पहुंचाना चाहती है। उन्होंने साफ कर दिया है कि हम राजस्थान और एमपी में क्षेत्रीय दलों से गठबंधन करेंगे या फिर अकेले चुनाव लड़ेंगे। मगर कांग्रेस के साथ मिलकर चुन
पटना में बैनर लगावकर कांग्रेस ने बताई अपने नेताओं की जाति

पटना में बैनर लगावकर कांग्रेस ने बताई अपने नेताओं की जाति

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पटना। बिहार में कांग्रेस अपनी नई सियासी जमीन तलाश रही है। हाल ही में कांग्रेस ने मदन मोहन झा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। मदन मोहन झा सवर्ण जाति से आते हैं। उससे पहले पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के दौरान भी अखिलेश सिंह को उम्मीदवार बनाया था। अखिलेश सिंह भी अगड़ी जाति से ही आते हैं। ऐसे में बिहार की राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि कांग्रेस सवर्ण वोटरों के पास वापस लौट रही है। इसके लिए पोस्टर लगा कर बताई जाति. लेकिन इस दिशा में कांग्रेस नेताओं ने एक कदम आगे और बढ़ा दिया है, जिसकी वजह से पार्टी की किरकिरी हो रही है। पोस्टर लगा कर बताई जाति कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पटना की सड़कों पर कई जगह बैनर-पोस्टर लगवाए हैं। इस बैनर में बिहार कांग्रेस के नेताओं समेत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जाति लिखी गई है। जिसमें बताया गया है कि कौन सा नेता किस जाति का है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने पोस्टर लग
बिहार के किसी ब्राह्मण नेता को 26 साल बाद कांग्रेस ने बनाया प्रदेश अध्यक्ष, आखिर क्यों?

बिहार के किसी ब्राह्मण नेता को 26 साल बाद कांग्रेस ने बनाया प्रदेश अध्यक्ष, आखिर क्यों?

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पटना। बिहार की राजनीति में हासिए पर चल रहे ब्राह्मण नेताओं की पूछ क्यों बढ़ी है? ब्राह्मण नेताओं की अहमियत कांग्रेस पहले बिल्कुल भूल गई थी. वो दलित, पिछड़े और दूसरे सवर्ण नेताओं के पीछे भाग रही थी. जबकि बिहार की बाकी पार्टियां इनकी अहमियत समझते हुए तरजीह देती रही थी. सत्ता का सुख भी लेती रही. बिहार के जातीय आंकड़ों की माने तो सवर्ण जातियों में सबसे ज्यादा ब्राह्मणों की तादाद है. सामाजिक गुणा-गणित में भी ब्राह्मण फिट बैठते हैं. इसकी अहमियत आरजेडी, बीजेपी और जेडीयू समझती रही. मगर कांग्रेस को ये समझने में 26 साल लग गए. ब्राह्मण नेताओं की पूछ क्यों बढ़ी है? 2019 का लोकसभा चुनाव सिर पर है. कांग्रेस, आरजेडी और हम का महागठबंधन में है. मुस्लिम और यादव पहले से ही आरजेडी के साथ है. मांझी को भरोसा है कि दलित वोटर उनको जिताएंगे. आरजेडी के पास राजपूत जाति के कई बड़े नेता हैं. मगर सवर्ण वोट लिहाज
विजय माल्या के खुलासे ने जेटली को फंसा दिया? राहुल ने की इस्तीफे की मांग

विजय माल्या के खुलासे ने जेटली को फंसा दिया? राहुल ने की इस्तीफे की मांग

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दिल्ली। कई बैंकों से धोखाधड़ी के बाद भारत से फरार विजय माल्या ने एक बयान देकर वित्त मंत्री अरुण जेटली की मुश्किलें बढ़ा दी है। लंदन कोर्ट में सुनवाई के लिए आए माल्या ने कहा है कि देश छोड़ने से पहले मैंने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। वहीं, जेटली ने भी माल्या से मुलाकात की बात स्वीकारी है। लेकिन माल्या के इस बयान के बाद भाजपा पर कांग्रेस एक बार फिर से हमलावर हो गई है। 'अरुण जेटली से मिला था' दरअसल, लंदन कोर्ट के बाहर विजय माल्या ने कहा कि वो देश छोड़ने से पहले अरुण जेटली से मिला था। माल्या ने कहा कि उनसे मिलकर मामले को सुलझाना चाहता था लेकिन बैंकों की आपत्ति के वजह से मामला सुलझ नहीं सका। कोर्ट के बाहर माल्या ने कहा कि मुझे दोनों बड़ी पार्टियों ने राजनीतिक फुटबॉल बना दिया और बाद में मुझे बलि का बकरा बनाया गया। उसने बताया कि जेनेवा में एक मीटिंग में शामिल होने की वजह से मैं
…जब एसपीजी जवान ने कुत्ते को मारी लात, राहुल की आंखें हुई ‘लाल’

…जब एसपीजी जवान ने कुत्ते को मारी लात, राहुल की आंखें हुई ‘लाल’

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दिल्ली। हाल ही में कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे राहुल गांधी का भारत बंद के दौरान 'पेट लवर' वाला मिजाज दिखा. जब भीड़ में घुसे कुत्ते को एसपीजी जवान ने लात मारी तो राहुल गांधी के चेहरे पर नाराजगी साफ दिखी. राहुल गांधी खुद भी डॉग रखे हैं तो उस डॉग की परेशानी समझते हुए उसे जाने का रास्ते देने की अपील करते दिखे. मंच और मीडिया में फंसा कुत्ता दरअसल पेट्रोल-डीजल और दूसरे कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ भारत बंदा किया था. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजघाट से रामलीला मैदान तक पैदल मार्च कर धरना दिया. इस दौरान मंच पर तमाम विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद थे. सभी नेता एक-एक कर मोदी सरकार के खिलाफ अपनी बात रख रहे थे. विपक्ष का सांकेतिक प्रदर्शन सांकेतिक लम्हों में था. रोड के एक तरफ मंच और दूसरी तरफ बैरिकेड के पीछे मीडिया के कैमरे लगे थे. इसी बीच भूरे
कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले राहुल गांधी ने नहीं खाया था नॉनवेज, जानें सच

कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले राहुल गांधी ने नहीं खाया था नॉनवेज, जानें सच

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दिल्ली। राहुल गांधी को लेकर छोटी-छोटी बातों पर विवाद हो जाता है. कभी उनके कपड़े तो कभी उनके खानों को लेकर मीडिया सुर्खियां बना देती है. कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले राहुल गांधी की नेपाल में खाने को लेकर विवाद हो गया. वो वेज खाए थे कि नॉनवेज. इसे लेकर विवाद हो गया. हालांकि रेस्टोरेंट ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि राहुल गांधी ने 31 अगस्त को नॉनवेज नहीं खाया था. नेपाली मीडिया आई नॉनवेज की खबर नेपाल की राजधानी काठमांडू में आनंद भवन स्थित वूटू फूड बुटिक में राहुल गांधी ने खाना खाया था. इसी खाने को लेकर विवाद हो गया. नेपाली मीडिया में खबर आई कि राहुल गांधी ने नॉनवेज यानी मांसाहारी खाना खाया था. नेपाली मीडिया के मुताबिक राहुल गांधी ने इस रेस्टोरेंट की फेमस डिश नेवारी खाई जिसके तहत उन्होंने चिकन मोमो, चिकन कुरकुरे और बुंदेल की डिश ऑर्डर की थी. इसके बाद विवाद हो गया कि राहुल
पूरब के ‘लेनिनग्राद’ में कितनी आसान होगी कन्हैया की राह? कहीं जातीय दलदल में न फंस जाए?

पूरब के ‘लेनिनग्राद’ में कितनी आसान होगी कन्हैया की राह? कहीं जातीय दलदल में न फंस जाए?

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दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बिहार के बेगूसराय सीट से विपक्ष का उम्मीदवार बनाया जा सकता है. हालांकि भूमिहारों के दबदबे वाली इस सीट से कन्हैया का चुनावी आगाज बहुत आसान रहनेवाला नहीं होगा. दरअसल पूरब के 'लेनिनग्राद' के नाम से मशहूर बेगूसराय में कन्हैया के सहारे वामपंथ बिहार में वापसी का रास्ता ढूंढ रहा है. मगर ये वापसी का रास्ता जातीय समीकरण के दलदल में फंस सकता है. न समय है, न ही कोई वजह कन्हैया कुमार को शायद ही भूमिहारों का व्यापक समर्थन मिले. उनके पास फिलहाल वामपंथ की जमीन तैयार करने का न समय है और न ही कोई वजह. कन्हैया की लड़ाई पूरी तरह जातीय समीकरणों पर टिकेगी. आरजेडी के समर्थन से मुसलमानों और यादवों का समर्थन उनको मिलना तय है लेकिन ये जिताऊ समीकरण नहीं है. इसके लिए कन्हैया को बीजेपी के वोट बैंक में संधमारी करनी होगी. वरना जीत की
कांग्रेस में शुरू हुआ छंटनी का दौर, 10 ड्राइवरों को नौकरी से निकाला गया

कांग्रेस में शुरू हुआ छंटनी का दौर, 10 ड्राइवरों को नौकरी से निकाला गया

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दिल्ली। अभी केंद्र की सत्ता से बेदखल हुए कांग्रेस पार्टी को करीब चार साल ही हुए हैं और पार्टी तंगहाली के दौर से गुजरने लगी है। कॉरपोरेट सेक्टर की तरह कांग्रेस भी अब अपने खर्च कम करने की तैयारी में है। इस कड़ी में कांग्रेस पार्टी ने 10 पुराने ड्राइवरों को नौकरी से निकाल दिया। तंगहाली से परेशान कांग्रेस दरअसल, पार्टी के दफ्तरों के खर्च घटाने की कोशिशों पर नए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का पूरा जोर है। कांग्रेस पार्टी की यह तैयारी पार्टी दफ्तरों में काम करने वाले गरीब कर्मचारियों पर भारी पड़ रहा है। इन्हीं कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। ये कर्मचारी वैसे हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा कांग्रेस दफ्तरों में कांग्रेस नेताओं की सेवा करने में बिता दिया है। हाईकमान के निर्देश पर कार्रवाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय का कार्यालय लखनऊ के माल एवेन
राहुल गांधी ने बनाई 2019 के लिए नई चुनावी टीम, बुजुर्ग सेनापतियों की भरमार

राहुल गांधी ने बनाई 2019 के लिए नई चुनावी टीम, बुजुर्ग सेनापतियों की भरमार

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दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव में अभी आठ महीने बचे हैं। ऐसे में सभी सियासी दल अभी से चुनावी तैयारी में जुट गए हैं। मगर कांग्रेस की चुनावी तैयारी क्या है? इसका जवाब है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी अब चुनावी मोड में आ गए हैं। इसके लिए वह नई टीम तैयार कर रहे हैं। पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष ने सीडब्ल्यूसी का गठन किया था और अब उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए कोर ग्रुप कमेटी का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस की चुनावी तैयारी क्या है? वहीं, सीडब्ल्यूसी और कोर ग्रुप कमेटी की तुलना की जाए तो साफ होता है कि 48 वर्षीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ओर सीडब्ल्यूसी में युवा जोश के साथ अनुभव को भरपूर जगह दी थी, लेकिन अगले आम चुनाव के लिए गठित की कई कोर ग्रुप कमेटी में युवा जोश की तुलना में अनुभव को खास तरजीह दी है। लोकसभा चुनाव के लिए गठित कोर ग्रुप कमेटी में 9 दिग्गज नेताओं को रखा गया है। इन 9