10 हजार रुपए से शुरू हुई थी फ्लिपकार्ट, 11 साल में बनी 1 लाख 39 हजार करोड़ की कंपनी

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मुंबई। इंडिया में ऑनलाइन पर्चेजिंग करने वालों की पहली पसंद फ्लिपकार्ट है.

अब इसका मालिकाना हक वॉलमार्ट के पास चला गया.

77 फीसदी हिस्सेदारी 1 लाख 7 हजार करोड़ रुपए में बिकी.

फ्लिपकार्ट की शुरुआत अक्टूबर 2007 में हुई थी.

आईआईटी दिल्ली में पढ़े सचिन और बिन्नी बंसल ने इसकी शुरुआत की.

शुरु में इसका नाम फ्लिपकार्ट ऑनलाइन सर्विसेस प्राइविटे लिमिटेड था.

शुरुआती दौर में ये सिर्फ ऑनलाइन बुक्स सेलिंग का काम करते थे.

फ्लिपकार्ट शुरू करने से पहले दोनों अमेजन डॉट कॉम के लिए काम कर चुके थे.

फ्लिपकार्ट की शुरुआत 10 हजार रुपए में हुई थी.

जो 11 साल में 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपए की हो गई.

फ्लिपकार्ट के लिए आज 33 हजार से ज्यादा कर्मचारी दिन-रात काम करते हैं.

कंपनी के बेंगलुरु हेडक्वार्टर में 6 हजार 800 कर्मचारी हैं.

फ्लिपकार्ट जब शुरू की गई तो शुरुआती दिनों में कुछ नहीं बिका.

2BHK से मल्टीनेशनल का सफर

2 बेडरुम वाले फ्लैट में बेंगलुरू से कंपनी की शुरुआत की गई थी.

शुरुआती दौर में फ्लिपकार्ट के पास सिर्फ 2 कंप्यूटर थे.

कंपनी शुरू करने के बाद 10 दिनों तक कुछ नहीं बिका था.

फ्लिपकार्ट का पहला कस्टमर आंध्र प्रदेश से था, जिसने बुक का ऑर्डर किया.

इस किताब का नाम था लीविंग माइक्रोसॉफ्ट टू चेंज द वर्ल्ड.

अब बेंगलुरू में कंपनी के कई आलीशान ऑफिसेज है.

सचिन बंसल और बिन्नी बंसल भाई नहीं हैं.

सचिन और बिन्नी अच्छे दोस्त और बिजनेस पार्टनर हैं.

ये भी पढ़ें: दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी ने देश की सबसे बड़ी कंपनी को खरीदा, फ्लिपकार्ट अब वॉलमार्ट के हवाले

दोनों की स्कूलिंग चंडीगढ़ के एक ही स्कूल हुई है.

दोनों ने साथ में ही दिल्ली आईआईटी से पढ़ाई भी की.

पढ़ाई के बाद दोनों ने 2 साल तक अलग-अलग कंपनियों में काम किया.

बाद में दोनों ने अपनी-अपनी कंपनी से इस्तीफा देकर खुद की कंपनी फ्लिपकार्ट की शुरुआत की.

शुरू के पांच साल काफी संघर्षपूर्ण रहा.

2010 फ्लिपकार्ट के लिए पासा पलटनेवाला रहा.

कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल को ऑनलाइन बेचना शुरू किया.

इसके बाद कंपनी ने दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की की.

2026 तक भारत में ई-कॉमर्स कारोबार 200 अरब डॉलर होने की उम्मीद है.

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