दाती महाराज पर रेप, अप्राकृतिक शारीरिक संबंध और धमकाने मामले में चार्जशीट

दाती महाराज पर रेप, अप्राकृतिक शारीरिक संबंध और धमकाने मामले में चार्जशीट

दिल्ली। दाती महाराज की मुश्किलें बढ़नेवाली है. दाती और उनके भाइयों पर चार्जशीट दाखिल हो गई है. उनके खिलाफ पुलिस ने रेप, अप्राकृतिक शारीरिक संबंध और धमकाने के आरोपों में चार्जशीट दाखिल की है. इसमें पुलिस ने दाती के तीनों भाइयों अशोक, अर्जुन और अनिल को भी आरोपी बनाया है. दिल्ली के फतेहपुर बेरी में दाती महाराज का शनिधाम है.

दाती और उनके भाइयों पर चार्जशीट

मामला दर्ज होने के करीब तीन महीने बाद दायर फाइनल रिपोर्ट में पुलिस ने दाती और उनके तीन भाइयों के अलावा दो महिला आश्रमकर्मी श्रद्धा पुरी और मीना जोशी को बतौर आरोपी नामजद किया है. कोर्ट ने इस मामले में 12 अक्टूबर सुनवाई की तारीख तय की है. दाती और उनके भाइयों पर चार्जशीट दाखिल करने के लिए दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तीन महीने तक लगातार जांच की. इसके बाद जुटाए गए सबूतों के आधार पर दाती और उसके तीन भाइयों के खिलाफ आईपीसी के तहत रेप अप्राकृतिक शारीरिक संबंध और धमकाने के आरोपों का केस खड़ा किया है.

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दाती पर 2016 में रेप का आरोप

पीड़ित के वकील के मुताबिक मामले में आरोपी बनाई गई दोनों महिलाए कथित तौर पर लड़कियों को दाती के कमरे तक ले जाती थी. जहां कथित तौर पर उनका शोषण किया जाता था. इसीलिए दाती और उनके भाइयों पर चार्जशीट के साथ इनको भी आरोपी बनाया गया.
दिल्ली के थाने में 7 जून को दाती महाराज के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई गई थी, 11 जून को उसे एफआईआर में कंवर्ट किया गया. महिला ने दाती महाराज और उनके भाइयों पर दिल्ली और राजस्थान स्थित आश्रमों में साल 2016 में उससे रेप का आरोप लगाए हैं.

मदन से ‘महाराज’ तक का सफर

दाती महाराज का जन्म राजस्थान के पाली जिले के अलवस गांव में हुआ था. मेघवाल समुदाय से ताल्लुक रखनेवाले दाती का परिवार कभी ढोलक बजाकर पेट पालता था. मदन के पिता देवाराम भी ढोलकर बजाने का काम करते थे. जन्म के चार महीने बाद ही मदन के मां की मौत हो गई थी. बच्चों की जिम्मेदारी भी पिता ने ही संभाली. कुछ दिनों बाद मदन के पिता देवाराम की भी मौत हो गई. इसके बाद मदन एक शख्स के साथ दिल्ली आ गए और चाय की दुकान पर काम करने लगे. खुद और परिवार को कामयाब बनानेवाले दाती और उनके भाइयों पर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है.

मगर जीवनचक्र में चाय की दुकान पर काम करने के साथ ही मदन ने जरुरतों के पूरा करने के लिए इधर-उधर का छोटे-मोटे काम करने लगे. बाद में कैटरिंग का धंधा शुरू किया. कैटरिंग काम चल निकला. 1996 तक मदन ने कैटरिंग का काम किया. काम दौरान ही मदन राजस्थान के रहनेवाले एक भविष्यवक्ता के संपर्क में आए. मदन ने उसे अपना गुरु बना लिया. ज्योतिष का ज्ञान सीखने लगे. ज्योतिष का ज्ञान सीखने के बाद मदन ने अपना नाम बदला और नया नाम रखा दाती महाराज.

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