कुशवाहा की ‘एंट्री’ से कितना मजबूत हुआ महागठबंधन? पासवान के ‘पैंतरे’ से बढ़ी बीजेपी की बेचैनी?

कुशवाहा की ‘एंट्री’ से कितना मजबूत हुआ महागठबंधन? पासवान के ‘पैंतरे’ से बढ़ी बीजेपी की बेचैनी?

दिल्ली। उपेंद्र कुशवाहा के महागठबंधन (Mahagathbandhan) में एंट्री से कम से कम बिहार में तस्वीर साफ होती दिख रही है. इसमें कांग्रेस के अलावा आरजेडी, आरएलएसपी, एलजेडी और हम शामिल है. कांग्रेस के दिल्ली ऑफिस 24 अकबर रोड में बिहार के महागठबंधन के सभी नेता मीडिया से मुखातिब हुए. कहने को तो महागठबंधन (Mahagathbandhan) की बैठक थी मगर औपचारिक तौर पर इसमें नए सहयोगी आरएलएसपी का स्वागत करना था.

नीतीश पर पार्टी तोड़ने का ठिकरा

Mahagathbandhan: कुशवाहा की 'एंट्री' से कितना मजबूत हुआ महागठबंधन?

इस दौरान कुशवाहा ने एनडीए और नीतीश कुमार पर अपनी भड़ास निकाली. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एक तरफ जहां हमारा अपमान हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन (Mahagathbandhan) में बाहें फैलाकर हमारे स्वागत में लोग तैयार थे. कुशवाहा ने नीतीश कुमार पर उनकी पार्टी तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो हर हाल में मुझे और हमारी पार्टी को खत्म करना चाहते हैं. इस दौरान कुशवाहा ने राहुल गांधी की जमकर तारीफें की. मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सरकार बनते ही किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे का जिक्र करते हुए कुशवाहा ने कहा कि जो कहा उसे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर दिखाया.

बिहार में महागठबंधन की तस्वीर साफ

Mahagathbandhan: कुशवाहा की 'एंट्री' से कितना मजबूत हुआ महागठबंधन?

इससे कम से कम बिहार में महागठबंधन (Mahagathbandhan) की तस्वीर साफ हो गई. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की कुल 40 लोकसभा सीटों में से 18-20 सीटों पर आरजेडी, कांग्रेस 8-12, उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी को 4-5, जीतनराम मांझी को 1-2 और शरद यादव की एलजेडी को भी 1-2 सीटें मिल सकती है. हालांकि सीटों का औपचारिक एलान होना बाकी है. एनडीए में सीट बंटवारे और रामविलास पासवान के अगले स्टैंड का इंतजार किया जा रहा है. बिहार में बीजेपी और जेडीयू ने बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है. मगर एलजेपी को कितनी सीटें मिलेंगी इस पर नजर है.

एलजेपी को खोना नहीं चाहती बीजेपी

Mahagathbandhan: कुशवाहा की 'एंट्री' से कितना मजबूत हुआ महागठबंधन?

नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे के दौरान मुमकिन हो तस्वीर साफ हो जाए. उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए से बाहर होने के बाद बीजेपी, जेडीयू और एलजेपी तीन पार्टियां बची हैं. बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. जबकि एलजेपी के खाते में 6 लोकसभा और एक राज्यसभा की सीट आ सकती है. आरएलएसपी के अलग होने से किसी भी सूरत में बीजेपी नहीं चाहेगी कि एलजेपी एनडीए से बाहर जाए. हो सकता पासवान अपने पैंतरे में कामयाब हो जाएं.

गरमा-गरम, पॉलिटिक्सम्

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