Cyclone Vayu से आखिर क्यों मची है अफरा-तफरी, युद्ध स्तर पर तैयारियां

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Cyclone Vayu

चक्रवाती तूफान (Cyclone Vayu) वायु को लेकर सरकार ने युद्ध स्तर पर तैयारियां की हैं। एनडीआरएफ की टीम की मदद से ढाई से तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

Cyclone Vayu से अफरा-तफरी

दरअसल, वायु आज गुजरात तट से टकराने वाला है। इसे लेकर इन क्षेत्रों के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। ये तूफान फिलहाल 175 किलोमीटर दूर है और किसी भी वक्त तट से टकरा सकता है। वायु के साउथ से नॉर्थ की तरफ बढ़ने की आशंका ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

मौसम की ताजा जानकारी के मुताबिक ये चक्रवात अब बेहद गंभीर की श्रेणी में आ गया है। इस साइक्लोन की रफ्तार 155 से लेकर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है। द्वारिका और वेरावल से टकराने के बाद ये सौराष्ट्र और कच्छ के समानांतर बढ़ सकता है। चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने दस जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया है।

युद्ध स्तर पर तैयारियां

Cyclone Vayu को लेकर एनडीआरएफ के 45 सदस्यीय राहत दल की 52 टीमें और सेना की दस टुकड़ियों को तैयार रखा गया है। प्रधानमंत्री ने बचाव के लिए लोगों से अपील भी की है। पीएम मोदी ने लोगों से सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी और निर्देशों का पालन करने को कहा है।

साथ ही पीएम ने ट्वीट भी किया है कि- “चक्रवात वायु से प्रभावित होने वाले सभी लोगों की सुरक्षा और हित के लिए प्रार्थना करता हूं. सरकार और स्थानीय एजेंसी जानकारी मुहैया करा रही हैं, जिसका मैं प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से अनुसरण करने का अनुरोध करता हूं.”

यहां तक कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कल आपात बैठक बुलाकर चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा के मद्देनज़र हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिया।

कहां-कहां है ‘वायु’ अलर्ट?

रेलवे ने भी संभावित आपदा के मद्देनज़र 110 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। कई ट्रेनों को डेस्टिनेशन से पहले ही रोकने का फैसला भी रेलवे ने किया है। वहीं, पोरबंदर, केशोद, भावनगर, दीव और कांडला एयरपोर्ट पर आज रात से शुक्रवार रात तक विमानों का परिचालन भी बंद रहेगा।

ओएनजीसी ने भी अरब सागर में पश्चिमी तटों पर स्थित अपने सभी यूनिट्स में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हेलीकॉप्टरों की उड़ानें भी रोक दी गई हैं। मुंबई में भी इसके संभावित असर को देखते हुए मछुआरों को चेतावनी जारी कर दी गई है।

गुजरात के दस जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। (Cyclone Vayu) की वजह से सारे स्कूल अब सोमवार से ही खुलेंगे।

क्यों बढ़ी सरकार की चिंता?

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नॉर्थ इंडिया में मॉनसून आने में अब देरी होनी तय है। लेकिन डर ये भी है कि कहीं वायु मॉनसूनी बादल को ही न ले उड़े। अगर ऐसा होता है तो पूरे उत्तर भारत में हाहाकार की स्थिति बन जाएगी।

मॉनसूनी बादलों के ठहरने से ही बारिश होती है और अगर वायु इन्हें उड़ा ले गया तो बादल बरसेंगे नहीं। ऐसे में सूखे के हालात बन सकते हैं और किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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