भारत को तोड़ने की साजिश रचने वाला शरजील इमाम बिहार का, IIT बॉम्बे और JNU से पढ़ाई

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sharjeel imam from bihar who said he will devide india from assam study in iit and jnu

दिल्ली। शरजील इमाम (Sharjeel Imam) की बातों को अगर आप सुन लें तो माथा पीट लेंगे. जिस देश ने एक नागरिक और इंसान के तौर पर इतना कुछ दिया उस देश की बारे में कोई इस तरह की बातें कैसे सोच सकता है. लोकतंत्र में नाराजगी जाहिर करने के बहुत से तरीके हैं. उसके लिए लोग अलग-अलग हथकंडे अपनाते हैं. मगर देश तोड़ने की बात तो कोई नहीं करता.

वीडियो का एक-एक शब्द

वायरल वीडियो में शरजील (Sharjeel Imam) कह रहा है कि असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी वह हमारी बात सुनेंगे. 2 मिनट 20 सेकंड के वीडियो की एक-एक शब्द से बड़ी साजिश बू आ रही है. 2 मिनट 20 सेकंड के वीडियो में शरजील ने कहा कि
”अब वक्त ये है कि हम गैर मुस्लिमों को बोलें कि हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हो. अगर हमारी शर्तों पर खड़ा नहीं होंगे तो हमदर्द नहीं माने जाएंगे. अच्छा, मैंने बिहार में देखा…बिहार का ही एग्जाम्पल दूंगा…बिहार में अच्छी रैली हो रही है. बिहार में हर रोज एक-दो बड़ी रैलियां हो रही है”.

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”कन्हैया वाली रैली देख लीजिए, 5 लाख लोग थे उसमें अररिया में. और उसमें मसला बस इतना सा है, ये शायद मैं पहले भी अर्ज कर चुका हूं 5 लाख लोग हमारे पास हो ऑर्गनाइज्ड तो हम हिन्दुस्तान और नॉर्थ-ईस्ट को परमानेंटली कट कर सकते हैं. परमानेंटली नहीं तो कम से कम एक-आध महीने के लिए कट तो कर ही सकते हैं. मतलब इतना मवाद डालों पटरियों पर कि कम से कम उनको हटाने में एक महीना लगे. है कि नहीं…जाओ एयरफोर्स से…असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है”.

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”असम और इंडिया कटके अलग हो जाए. तभी ये हमारी बात सुनेंगे. असम में मुसलमानों का जो हाल है, आपको पता है. सीएए नाफीज हो चुका है वहां…डिटेंशन कैंप में लोग डाले जा रहे हैं. है न…वहां तो खैर कत्लेआम चल रहा है 6-8 महीने से…बाद में पता चलेगा सारे बंगालियों को मार दिया गया…चाहे वो हिन्दू हों या मुसलमान. ठीक है तो…अगर हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम का रास्ता बंद करना होगा…फौज के लिए…समझ रहे हैं…फौज के लिए…और जितने भी आर्म सप्लाई जा रहा है…जो भी है बंद करो…और वो बंद कर सकते हैं क्योंकि Chicken neck मुसलमानों का है वो जो इलाका है वो मुस्लिम असरीयत है.”.

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”कन्हैया जैसे नेता क्या करेंगे…जाकर इंकलाब के नारे लगवाएंगे. फोटो खींचवाएंगे और चले आएंगे. भीड़ होगी हमारी आवाम की और चेहरा होगा इनका. और उससे एक भी प्रोडक्टिव चीज नहीं निकली आजतक. तो ये चीज याद रखिए. ये चीज याद रखिए कि अगर आवाम गुस्से में है तो उस गुस्से का प्रोडक्टिव यूज करना जिम्मेदारी है सियासतदान की, स्कॉलर की, शहाफी की, जो भी हैं. हम इसको प्रोडक्टिविली यूज कर पाएं. रादन दैन वेस्ट करना फोटो सेशंस में. ठीक है एक और चीज समझ में आई”.

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”अभी तक जो सेंसेटाइजेशन का जो मामला है, वो हमारी कंट्रोल में नहीं है. वो उन्हीं के कंट्रोल में है जो इंडियन नेशन की पूजा करते हैं, चाहे वो लेफ्ट हो…चाहे कांग्रेस हो…सारे…वो उन्हीं के कंट्रोल में है. वो हमारे कंट्रोल में यूं आएगा कि हमलोग मुस्लिम स्कॉलर का ग्रुप बनाएं और ऐसा ग्रुप बनाएं जो लोग बताएं कि आपस में इस बात पर बहस न हो”.

Sharjeel Imam पर केस दर्ज

शरजील इमाम (Sharjeel Imam) के वायरल वीडियो की न्यूजफ्राई पुष्टि नहीं करता. मगर इस वीडियो के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है. सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही है. भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इस वीडियो को लेकर संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. दिल्ली में शाहीन बाग में धरने पर बैठे लोगों ने सफाई दी.

जहानाबाद का रहनेवाला, IIT, JNU से पढ़ाई

शरजील इमाम (Sharjeel Imam) बिहार के जहानाबाद का रहनेवाला है. शरजील ने इमाम ने IIT बॉम्बे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. कहा जा रहा है कि शरजील (Sharjeel Imam) ने कुछ दिनों तक वहां पढ़ाया भी था. ग्रेजुएशन करने के बाद दो साल तक उसने बेंगलुरू में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में डेवेलपर के तौर पर काम भी किया. 2013 में JNU में आधुनिक इतिहास में मास्टर्स करने के लिए एडमिशन लिया. यहां से उसने M.phil और PHD भी किया.

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शरजील (Sharjeel Imam) आइसा में दो साल से अधिक वक्त तक रहा और एक साल के लिए इसकी कार्यकारिणी का सदस्य भी रहा. इसके अलावा उसने आइसा प्रत्याशी के तौर पर काउंसर के पद के लिए 2015 में जेएनयू छात्र संघ का चुनाव भी लड़ा.

साजिश रचने में मास्टर माइंड

कहा जा रहा है कि शरजील (Sharjeel Imam) ने दिल्ली के शाहीनबाग में हो रहे धरना-प्रदर्शन का मुख्य आयोजक था. वो सोशल मीडिया पर लोगों को लगातार इस धरने में शामिल होने की अपील करता था. एक फेसबुक पोस्ट में शरजील (Sharjeel Imam) ने लिखा है कि शाहीनबाग का मॉडल चक्का जाम का है. बाकी सब सेकेंडरी है, चक्का जाम और धरने में फर्क समझिए, हर शहर में धरने कीजिए, उसमें लोगों को चक्का जाम के बारे में बताइए और फिर तैयारी करके हाईवेज पर बैठ जाइए.

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2 जनवरी को एक फेसबुक पोस्ट में शरजील (Sharjeel Imam) ने लिखा था कि वो हॉन्ग-कॉन्ग की तर्ज पर भीड़ को इकट्ठा करना चाहता है. कहा जा रहा है कि इसको लेकर उसने (Sharjeel Imam) तैयारियां भी शुरू कर दी थी.

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पिछले साल राम मंदिर पर फैसला आने के बाद शरजील इमाम (Sharjeel Imam) ने सोशल मीडिया पर Justice Denied नाम से कैंपेन भी चलाया था. इस दौरान वो (Sharjeel Imam) कई जगह भीड़ को ये बता रहा था कि बाबरी मस्जिद मामले में उनके समुदाय के साथ इंसाफ नहीं हुआ.

दावा है कि शरजील (Sharjeel Imam) ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जेएनयू, जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी दिखा था. आरोप है कि पिछले कुछ समय से शरजील (Sharjeel Imam) नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था.

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