सावन में भूलकर भी ना करें ये 10 काम, शिवजी हो जाते हैं नाराज!

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सावन में भूलकर भी ना करें ये 10 काम शिवजी हो जाते हैं नाराज!

सावन में भूलकर भी ना करें ये 10 काम शिवजी हो जाते हैं नाराज!

दिल्ली। सावन के महीने में शिव भक्तों में एक अलग का उत्साह होता है। इस महीने में भगवान भोले के भक्त पूजा-पाठ में लीन होते हैं। कहा जाता है कि यह महीना देवों के देव महादेव का भी काफी प्रिय है। इस महीने में जो भक्त विधि-विधान से शिव की अराधना करता है, उसकी मन की मुरादें पूरी होती हैं। लेकिन इस बार एक ऐसा संयोग है, जिस दौरान गलती करने से भगवान शिव नाराज भी हो सकते हैं।

मुरादें पूरी होती हैं

शास्त्रों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि जिस सावन में पांच सोमवार पड़ता है, उसमें रोटक व्रत लगता है। इसलिए इस दुर्लभ संयोग में कोई गलती नहीं करनी चाहिए। जिससे हमें भोले भंडारी का आशीर्वाद नहीं मिले। आइए जानते हैं कि आखिर क्या नहीं करना चाहिए जिससे भगवान शिव नाराज न हो जाएं।

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कहा जाता है कि सावन के पावन में महीने में शिवजी का अभिषेक करते हुए हल्दी का प्रयोग नहीं करें। इसके साथ ही सावन में बैगन खाना भी वर्जित माना गया है। उसे धार्मिक ग्रंथों में अशुद्ध माना गया है। इसलिए सावन में द्वादशी, चतुर्दशी और कार्तिक मास में भी इसे खाने की मनाही है।

दूध का सेवन वर्जित

इसके अलावे व्रत रखने वालों को सावन में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। तर्क यह है कि सावन में मौसम परिवर्तन होता है, जिससे कई छोटे-छोटे कीड़े-मकोड़े भी होते हैं। कभी-कभी गाय भैंस उनको खा जाती हैं, इसलिए दूध हानिकारिक हो जाता है। इसके अलावे शिव भक्तों को सावन महीने में कभी भी कोई बुरे विचार मन में नहीं लाने चाहिए। इस माह में धार्मिक किताबों का अध्ययन करना चाहिए।

ऐसी मान्यता है कि सावन में भगवान शिव और उनके भक्तों के बीच की दूरी कम हो जाती है। इसलिए सुबह देर तक सोकर इसे व्यर्थ नहीं करना चाहिए। सुबह में जल्दी भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।

मांस मदिरा भी वर्जित

वहीं, भक्तों को इस महीने में मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे आपका मन अशुद्ध होता है और अशुद्ध मन से भगवान की पूजा नहीं की जाती है।

सावन में शिव भक्ति के लिए आपके आसपास सकारात्मक माहौल बहुत जरूरी है। इसके लिए आप हमेशा अपने घर में साफ-सफाई रखें। इसके साथ ही सावन महीने में ब्रह्मचर्च व्रत के नियमों का पालन करना चाहिए।