बिहार के आदर्श को गूगल में 1 करोड़ 20 लाख की नौकरी, मां की चिंता- बेटा खाएगा क्या?

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आदर्श को गूगल में 1 करोड़ 20 लाख की नौकरी, मां की चिंता- बेटा खाएगा क्या?

आदर्श को गूगल में 1 करोड़ 20 लाख की नौकरी, मां की चिंता- बेटा खाएगा क्या?

पटना। 1 करोड़ 20 लाख की सालाना सैलरी वाली नौकरी बिहार के आदर्श को मिली है. यानि महीने का 10 लाख. 21 साल की उम्र में 10 लाख की नौकरी कम तो नहीं ही होती है. वो भी जर्मनी में. मगर एक मां को चिंता दूसरी है.

विदेश में बेटा क्या खाएगा?

मां की सर पर बल आए जा रहा है कि उसका बेटा विदेश में क्या खाएगा?. कैसे रहेगा?. उसे तो खाने के लिए कुछ पकाना भी नहीं आता. देश-दुनिया में भले ही उसका ‘लाल’ डंका पीट आया हो, मगर एक मां का दिल बैठा जा रहा है.

वो भी खाने के लिए. जबकि आज दुनिया भर में, दुनिया भर के खाने के सामान हर जगह मौजूद है. मगर मां तो मां होती है. मां की चिंता में करोड़ टके की नौकरी नहीं, बल्कि उसके पास लाख टके सवाल विदेश में बेटे को खाने को लेकर हैं.

मां को सिंगापुर घूमने की ख्वाहिश

आदर्श की मां अनीता शर्मा को किसी ने बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है बड़ी कंपनी है खाने का इंतजाम हो जाएगा. अब जब खाने की चिंता दूर हुई तो मां की ख्वाहिश जाग उठी. अनीता शर्मा की चाहत है कि सिंगापुर घूम लें.

जब मां सिंगापुर घूमना चाहती है तो भला पिता वीरेंद्र शर्मा कहां पीछे रहते. शर्मा जी को अमेरिका के गूगल हेडक्वार्टर देखने की ख्वाहिश है. आखिर हो भी क्यों न बेटे को जो इतना काबिल बनाया है.

हम चाहते हैं कि आदर्श एक आदर्श बेटे के तौर पर अपने माता-पिता की दिली तमन्ना को पूरी करें. हालांकि आदर्श के तरफ से अभी प्लानिंग नहीं हुई है.

मगर फिलहाल उनके जेहन में बस एक ही चाहत है कि अपनी पहली कमाई से छोटे भाई अमनदीप को एक अच्छी सी विदेशी ब्रांड की घड़ी खरीद कर देनी है.

आदर्श को गूगल में 1 करोड़ 20 लाख की नौकरी, मां की चिंता- बेटा खाएगा क्या?

पटना के रहनेवाले हैं आदर्श

पटना के बुद्धा कॉलोनी के रहनेवाले एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा के बेटे आदर्श कुमार रूड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर (सत्र 2014-18) के छात्र हैं. मगर आदर्श को नौकरी प्रोग्रामिंग में मिली है.

गूगल के म्यूनिख (जर्मनी) के ऑफिस में 1 अगस्त को ज्वाइन करेंगे. उनका सलाना पैकेज 1 करोड़ 20 लाख है. आदर्श की मां हाउस मेकर हैं जबकि छोटा भाई अमनदीप पटना आईआईटी में फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है. पटना के बीडी पब्लिक स्कूल से उन्होंने 2012 में दसवीं और 2014 में 12वीं पास की. 12वीं में आदर्श को 94 प्रतिशत नंबर आया था.

आदर्श की ये पहली नौकरी है. वैसे उनका कैंपस सेलेक्शन किसी दूसरी कंपनी में हुआ था. गूगल में आदर्श का ऑफ कैंपस सेलेक्शन है. अब पासपोर्ट-वीजा के अलावा दूसरे कागजात को तैयार करने में आदर्श बिजी हैं.

ऐसे हुआ आदर्श का गूगल में सेलेक्शन

करीब 2 महीने तक चले कई ऑनलाइन और हैदराबाद में हुए ऑन-साइट स्टेज टेस्ट से गुजरने के बाद आदर्श का सेलेक्शन हुआ. अप्रैल में चीन के बीजिंग में हुए प्रोग्रामिंग कॉन्टेस्ट ACM-ICPC कॉम्पटिशन में भी आदर्श ने हिस्सा लिया.

इसमें दुनिया भर की टीमें शिरकत करती है. प्रोग्रामिंग से जुड़े पॉबल्म्स का कोडिंग करना होता है. इंडिया की 8 टीमों में उनकी टीम को दूसरा स्थान मिला. जबकि दुनिया भर की 140 टीमों में उन्हें 56वां पोजिशन हासिल हुआ.

हालांकि आदर्श को 1 करोड़ 20 लाख का पैकेज बहुत बड़ी नौकरी नहीं लगती. उन्होंने कहा कि ये बहुत सामान्य सा पैकेज है. यानि उड़ान अभी बाकी है.

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