अफगानिस्तान में 7 भारतीय इंजीनियर अगवा, तालिबान से रिहाई की कोशिशें जारी

indian engineers abducted in baghlan province by taliban gunmen
सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली। अफगानिस्तान में 7 इंडियन इंजीनियर्स को अगवा किया गया है. उत्तरी बागलान में आरपीजी ग्रुप के लिए ये काम करते हैं. तालिबान पर भारतीय इंजीनियरों को अगवा करने का आरोप है.

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सरकारी कर्मचारी समझकर तालिबान ने इन्हें अगवा कर लिया. विदेश मंत्रालय लगातार अफगानिस्तान सरकार के संपर्क में है.

बागलान प्रांत में किया गया अगवा

अफगानिस्तान में तालिबान ने जिन भारतीयों को अगवा किया वे महाराष्ट्र की कंपनी केईसी के लिए काम करते हैं.

अफगानिस्तान के न्यूज चैनल टोलो न्यूज के मुताबिक सातों भारतीय इंजीनियरों के अलावा

उस अफगानी बस ड्राइवर को भी आतंकियों ने अगवा किया है, जिससे ये सफर कर रहे थे.

बागलान की राजधानी पुल-ए-खोमरे के बाग-ए-शमल गांव के पास से इंजीनियरों को अगवा किया गया.

ये सातों भारतीय इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है. इनको उस समय अगवा किया गया जब वे एक इलेक्ट्रिसिटी सब-स्टेशन जा रहे थे.

जिसका ठेका केईसी कंपनी को मिला हुआ है.

सरकारी कर्मचारी समझ किया अपहरण

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बंधकों की रिहाई के लिए अफगानिस्तान के अधिकारी

स्थानीय लोगों के जरिए तालिबान से बातचीत कर रहे हैं. आतंकी संगठन का कहना है कि

उसने सरकारी कर्मचारी समझकर इंजीनियरों का अपहरण किया है. बंधकों की रिहाई के लिए कोशिशें की जा रही है.

अफगानिस्तान के संपर्क में भारत

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भारतीय नागरिकों के अपहरण की रिपोर्ट्स से जुड़े सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

रवीश कुमार ने कहा कि हम अफगानिस्तान के बागलान प्रांत से भारतीय नागरिकों के अपहरण से वाकिफ हैं.

हम अफगान अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं.

कंपनी के मालिक ने मांगी मदद


केईसी की पैरेंट कंपनी आरपीजी इंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने कहा कि

उन्होंने अपने कर्मचारियों की रिहाई में मदद के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुजारिश की है.

गोयनका ने ट्वीट किया है कि सुषमा स्वराज और विदेश मंत्रालय से गुजारिश है कि वे हमारे 7 मैनेजरों को छुड़ाने में मदद करें.

पहले भी हो चुका है ‘किडनैपकांड’

अफगानिस्तान में 150 से ज्यादा भारतीय इंजीनियर काम कर रहे हैं.

अफगानिस्तान में फिरौती के लिए अपहरण आम बात है.

2016 में भी एक भारतीय महिला का अपहरण कर लिया गया था.

जिसे 40 दिन बाद रिहा किया गया था.

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