‘कमल’ की नहीं रहीं फुले, बोलीं सावित्री बाई- ‘चौकीदार की नाक के नीचे लूटा जा रहा गरीबों का पैसा’

1
162
MP Savitribai Phule

‘कमल’ की नहीं रहीं फुले, बोलीं सावित्री बाई- ‘चौकीदार की नाक के नीचे लूटा जा रहा गरीबों का पैसा’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहराइच लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की सांसद साध्वी सावित्री बाई फुले (Savitribai phule) ने गुरुवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर सीधे प्रधानमंत्री पर हमला बोला. उन्होंने (Savitribai phule) कहा कि चौकीदार की नाक के नीचे गरीबों का पैसा लूटा जा रहा है. भाजपा और आरएसएस समाज को बांटने और संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रही है.

प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा

साध्वी सावित्री बाई (Savitribai phule) ने यहां भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे देने की घोषणा की. इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस पर जमकर हमला बोला. सांसद (Savitribai phule) ने कहा कि चौकीदार की नाक के नीचे गरीबों का पैसा लूटा जा रहा है. भाजपा और आरएसएस के लोग समाज को बांटने के काम में लगे हैं और बाबा साहेब के लिखे संविधान के साथ छेड़छाड़ कर उसे खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें- कशमकश में कुशवाहा! बिहार बीजेपी को बताया नीतीश की ‘B’ टीम

‘बनी रहूंगी सांसद’

विकास पर ध्यान न देकर मूर्तियां बनवाई जा रही हैं और अल्पसंख्यक व अनुसूचित वर्ग को धोखा दिया जा रहा है. इसलिए वह बाबा साहेब के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रही हूं। लेकिन सांसद (Savitribai phule) बनी रहूंगी.

ये भी पढ़ें- ‘हिम्मत है तो भाई का आवास खाली करा ले सरकार, बंगला-बंगला ना खेलें नीतीश कुमार’

भगवान राम को बताया था मनुवादी

साध्वी सावित्री बाई फुले (Savitribai phule) भाजपा के उन दलित सांसदों में शामिल हैं, जो भाजपा और केंद्र और राज्य सरकार पर अनदेखी करने का आरोप लगाती रही हैं. अभी हाल ही में मुख्यमंत्री योगी द्वारा हनुमान को दलित बताए जाने पर उन्होंने भगवान राम पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि राम मनुवादी और शक्तिहीन थे. अगर शक्तिहीन न होते तो अब तक मंदिर बन गया होता. हनुमान दलित थे, इसीलिए उन्हें इंसान से बंदर बना दिया गया और मुंह पर कालिख पोती गई व पूंछ लगा दी गई थी.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.