हैदराबाद के अस्पताल में डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद पेट में छोड़ दी कैंची

0
12

हैदारबाद। निजाम इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (NIMS) के डॉक्टरों ने ‘कैचीकांड’ किया है. सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने मरीज के पेट में कैंची छोड़ दी. पेट में तेज दर्द होने के शिकायत के बाद 33 साल के मरीज को फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाद में उसका एक्सरे कराया गया जिसमें कैंची की तस्वीर सामने आई.

एक्सरे रिपोर्ट के बाद खुलासा

एक्सरे रिपोर्ट में ये बात सामने आई कि उसके पेट में सर्जनों ने कैंची छोड़ दी थी. मरीज के परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने डॉक्टर और उनकी टीम के खिलाफ धारा 336 और 337 के तहत मामला दर्ज किया है. जांच की जा रही है. इसके अलावा अस्पताल (NIMS) की इंटरनल कमेटी भी घटना की जांच कर रही है. डॉक्टरों की इस तरह की लापरवाही से जुड़े मामले गाहे-बगाहे सामने आते रहते हैं, इस तरह के मामलों में सजा का प्रावधान भी है. हर्जाना भी लगाया जाता है. इन सबके बीच मरीज की जान पर बन आती है.

‘कैंचीकांड’ के बाद हंगामा

महेश्वरी चौधरी नाम के मरीज ने हैदराबाद के निजाम इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (NIMS) में पिछले साल नवंबर में हर्निया की सर्जरी कराई थी. ऑपरेशन के कुछ ही दिनों बाद उनके पेट में तेज दर्द हुआ. एक्सरे से पता चला कि सर्जनों ने उनके पेट में कैंची छोड़ दी है. इस खुलास के बाद मरीज के परिजन भड़क उठे. अस्पताल (NIMS) के बाहर हंगामा करना शरू कर दिया. पंजागुट्टा थाने में अस्पताल (NIMS) के खिलाफ मामले की शिकायत दर्ज कराई है. महेश्वरी को अब एक और ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

मामले की जांच जारी

निम्स (NIMS) के डायरेक्टर मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. के. मनोहर ने कहा कि एक टीम यह पता लगाने के लिए मरीज का टेस्ट कर रही है कि कैंची की वजह से किसी और अंग को तो नुकसान नहीं पहुंचा है. उन्होंने कहा कि मरीज को पिछले साल 31 अक्टूबर को भर्ती किया गया था और 3 डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी की थी. 12 नवंबर को अस्पताल से छुट्टी दी गई थी. पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद शनिवार को फिर से अस्पताल (NIMS) में भर्ती कराया गया. इस दौरान एक्सरे रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनके पेट में कैंची छूटी हुई है. मामले की जांच की जा रही है, रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.