पटना: मुफ्त की सब्जी ने कराया पूरे थाने को लाइन हाजिर

पटना पुलिस की मुफ्तखोरी

पटना। अगमकुआं थाने के सारे पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और उनकी जगह नए पुलिसकर्मियों की तैनाती के आदेश दे दिए गए हैं। पटना बायपास थाने और अगमकुआं थाने के SHO को सस्पेंड कर दिया गया है। 

पटना सिटी के पूर्व एएसपी हरिमोहन शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है और उनपर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा भी की गई है। यानी राजधानी की पुलिस की मुफ्तखोरी की आदत ने ही उनकी किरकिरी करा दी।

पटना पुलिस की मुफ्तखोरी

दरअसल, सुरेश (बदला हुआ नाम) अपने पिता के साथ सब्जियां बेचता था और जब पुलिसवाले मुफ्त की सब्जी लेने आते तो वो मना कर देता। इसे लेकर पुलिसवाले अक्सर उसे देख लेने की धमकी देते थे। जब पुलिसवालों को सुरेश का इनकार नागवार गुजरने लगा तो एक दिन उसे झूठे केस में फंसाकर जेल में डाल दिया।

सुरेश के पिता के मुताबिक उनके बच्चे ने मुफ्त में सब्जी देने से मना किया तो सब्जी बेचकर शाम में घर लौटने के बाद अगमकुआं थाने की पुलिस उनके बच्चे को उठाकर ले गई। उसके बाद वो पुलिस अधिकारियों के पास चक्कर लगाते रह गए लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। दो दिन बात सुरेश के पिता को पता चला कि उसके बेटे को बाइक लूट के आरोप में जेल भेज दिया गया है।

छानबीन में सुरेश के आधार कार्ड से पता चला कि उसकी उम्र 14 साल है लेकिन अगमकुआं पुलिस ने उसे रिमांड होम भेजने की बजाए उसकी उम्र 18 साल दिखाकर उसे जेल भेज दिया था।

मामला जब मीडिया में आया तो सीएम नीतीश कुमार ने जांच के निर्देश दिए, आईजी के नेतृत्व में इस केस की जांच की गई तब जाकर पुलिसकर्मियों की कलई खुली और इस मामले में 12 पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए हैं।

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पटना पुलिस की मुफ्तखोरी

जांच रिपोर्ट में फर्जी रेड की पुष्टि

  • आईजी नैयर हसनैन खान ने जो जांच रिपोर्ट सौंपी है उसके मुताबिक-
  • सुरेश नाबालिक था और ये मामला मुफ्त सब्जी की बजाए लूट का दिखाया गया था
  • FIR में जिस पुलिस टीम का जिक्र था उसने रेड डाली ही नहीं थी
  • पूरे मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध रही थी
  • जिस बाइक लूट के केस में सुरेश को फंसाया गया वो मौके पर थी ही नहीं
  • बाइक को बाद में मौके पर रखा था, FIR में काफी अनियमितताएं पाई गई
  • यहां तक कि सुरेश की उम्र 14 की बजाए 18 दिखाकर उसे जेल भेज दिया गया
  • इससे जुड़े अधिकारी ने भी शिकायत की सही तरीके से जांच नहीं की

पूरा थाना लाइन हाजिर

जांच रिपोर्ट के आधार पर आईजी ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की है। बाइपास और अगमकुआं एसएचओ सहित 11 पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए हैं। दोनों एसएचओ को पटना से बाहर सहरसा और बेतिया पदस्थापित करने की अनुशंसा की गई है।

एएसपी हरिमोहन शुक्ल को शो-कॉज जारी किया गया है। इसके अलावा कोर्ट से अपील की गई है कि सुरेश को तत्काल जेल से रिमांड होम शिफ्ट करने का निर्देश दिया जाए। पटना एसएसपी को तीन दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

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