बिहार में तेजप्रताप का ‘लालू अवतार’, कहीं ‘भाई’ से कॉम्पिटीशन तो नहीं?

बिहार में तेजप्रताप का 'लालू अवतार', कहीं 'भाई' से कॉम्पिटीशन तो नहीं?

पटना। बिहार में ‘लालू स्टाइल’ की राजनीति आज भी हो रही है. ये कोई और नहीं बल्कि लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव कर रहे हैं. तेजप्रताप यादव अपनी छवि चमकाने के लिए ‘सत्तू पार्टी तेजप्रताप के संग’ कर रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि उनका सियासी कॉम्पिटीशन कहीं अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से तो नहीं है? लालू प्रसाद ने अपने वारिश के तौर पर तेजस्वी यादव को प्रोजेक्ट किया है. इस दौरान वो मीडिया से लगातार बातें करते रहे.

‘सत्तू पार्टी तेजप्रताप के संग’

बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और महुआ से विधायक तेजप्रताप यादव अपने पिता लालू प्रसाद के रंग में रंगे नजर आए. यहां उन्होंने ‘सत्तू पार्टी तेजप्रताप के संग’ कार्यक्रम की शुरुआत की. सबके साथ बैठकर सत्तू खाया. कार्यकर्ताओं से बातें की. इस दौरान अपने एक समर्थक के लाइन होटल में किचेन का मुआयना किया. पनीर की सब्जी बनाने का तरीका सीखा. रिक्शा चलाया, चारा काटनेवाली मशीन पर हाथ आजमाया. गांव की सड़कों पर तेजी से साइकिल भी चलाई. मंदिर में भगवान के दर्शन किए. कार्यकर्ता के घर चापाकल पर स्नान भी किया. तेजप्रताप के इस ठेठ अंदाज के दौरान कार्यकर्ताओं की एक टोली उनके पीछे-पीछे घूमती रही.

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‘लालू स्टाइल’ में दिखे तेजप्रताप

पिछले कुछ दिनों से तेजप्रताप लगातार खबरों में बने हुए हैं. उनके छोटे भाई जो टीवी और अखबार में छाए रहते थे आजकल सीन से गायब हैं. बिहार के बुद्धिजीवी वर्ग जो तेज प्रताप को नॉन सीरियस पॉलिटिशियन मानता है उन्हें तेजप्रताप अपने गंवई अंदाज में क्लास लेते दिखे. इसके अलावा अपने पिता की ही तरह वो भी लगातार अपने बयानों में बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते रहे. हालांकि उनका कहना है कि बिहार की जनता उनके छोटे भाई को सत्ता देगी, उनको इस बात का भरोसा है.

पूरे कार्यक्रम के दौरान पूरी तरह लालू के अंदाजे में दिखे. कुछ लोग इसे लालू का अवतार बताने लगे. कभी लालू प्रसाद भी अपने गंवई अंदाज के लिए जाने जाते थे. अपने इसी अंदाज की बदौलत लालू प्रसाद काफी पॉपुलर हुए और बिहार की सत्ता पर 15 साल राज किया. तेजप्रताप के लिए अच्छी बात ये हैं कि उनके पास पिता की विरासत और स्टाइल दोनों है. इससे कोई और खुश हो या न हो लालू के प्रसाद के समर्थक जरुर खुश होंगे. उनको तेजप्रताप में लालू प्रसाद की झलक दिख रही होगी. मगर देखने वाली बात ये होगी कि ये सिर्फ महुआ तक सिमट कर रह जाएगा या फिर तेजप्रताप इसे पूरे बिहार में ले जाएंगे.

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