पाकिस्तान में हर तरफ लेडी सिंघम के चर्चे, आतंकियों से भिड़कर बचाई कई जानें

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पाकिस्तान की लेडी सिंघम

कराची में चीनी काउंसलेट में आतंकियों के हमले के दौरान पाकिस्तान की लेडी सिंघम ने कमाल कर दिखाया। जांबाज महिला अफसर ने आतंकियों से न सिर्फ लोहा लिया बल्कि कई आतंकियों को ढेर करते हुए कई लोगों की जान भी बचाई।

पाकिस्तान की लेडी सिंघम

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पाकिस्तान लगातार आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है। कराची में शुक्रवार के दिन चीनी काउंसलेट में आतंकवादियों ने हमला बोला दिया था। इस हमले में पाकिस्तान पुलिस के दो जवानों की मौत हो गई। लंबी मुठभेड़ के बाद पाकिस्तान पुलिस ने आतंकियों को मार गिराया। इस मुठभेड़ को लीड करने वाली पाकिस्तान की लेडी सिंघम कोई और नहीं, एसपी सुहाई अजीज तालपुर थी।

सुहाई अजीज तालपुर ने न सिर्फ आतंकियों को ढेर किया बल्कि कई जानें भी बचाई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये लेडी अफसर सुहाई सिंध प्रांत के तंडो मुहम्मद खान जिले के भाई खान तालपुर गांव के एक मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। 2013 में सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज एग्जाम पास करने के बाद वह पुलिस बल में शामिल हुई थीं।

सुहाई कैसे बनीं पुलिस अफसर ?

पाकिस्तान की लेडी सिंघम

खबरों के मुताबिक सुहाई को पढ़ाने को लेकर उसके रिश्तेदारों ने उनके परिवार को इतने ताने मारे थे कि उन्हें गांव छोड़कर दूसरे कस्बे में जाकर बसना पड़ा था। लेकिन पाकिस्तान की लेडी सिंघम और उसके परिवार ने हौसला नहीं हारा। सुहाई के पिता अजीज तालपुर एक राजनीतिक कार्यकर्ता और लेखक हैं, जिन्होंने बेटी के लिए बड़े सपने देखे थे।

मीडिया में छपे इंटरव्यू में सुहाई ने कहा है कि जब मेरे माता-पिता ने मुझे स्कूल में दाखिल कराने के बारे में सोचा तो मेरे कई रिश्तेदार उन्हें ताना मारने लगे। वहीं उनके पिता अजीज तालपुर ने कहा कि मैं सुहाई को निजी स्कूल में पढ़ाना चाहता था। इस वजह से रिश्तेदारों ने मुझसे संबंध खत्म कर दिए। उनका मानना था कि सुहाई को मदरसे में ही पढ़ाना चाहिए। लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा दिलाने की कसम खाई थी।

सीए की बजाए पुलिस अफसर

पाकिस्तान की लेडी सिंघम

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पाकिस्तान की लेडी सिंघम सुहाई ने शुरुआती पढ़ाई तांडो मुहम्मद खान स्थित एक निजी स्कूल से की। वहीं, इंटरमीडिएट के लिए बहारिया फाउंडेशन ज्वॉइन किया था। इसके अलावा सिंध प्रांत के हैदराबाद स्थित जुबैदा गर्ल्स कॉलेज से उन्होंने बी-कॉम किया। सुहाई बताती हैं कि उनका परिवार चाहता था कि वो चार्टर्ड अकाउंटेंट बनें, लेकिन सुहाई को वो नौकरी काफी नीरस लगी। इसके बाद उन्होंने सीएसएस की तैयारी शुरू कर दी और पहली कोशिश में पास भी हो गई।

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